UK: ब्रिटेन में बच्चियों के यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराए गए शबीर अहमद की रिहाई ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. रिफॉर्म UK के नेता निगेल फराज ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने शबीर अहमद को वापस लेने से इनकार जारी रखा, तो उसके नागरिकों पर वीजा और फ्लाइट बैन लगाए जा सकते हैं. फराज ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो ब्रिटेन में पाकिस्तानी नागरिकों की संपत्ति फ्रीज करने और टैरिफ लगाने जैसे कदमों पर भी विचार किया जाएगा.
ब्रिटेन से वापस भेजने की कोशिशों का विरोध
बता दें कि पाकिस्तान शबीर अहमद को ब्रिटेन से वापस भेजने की कोशिशों का विरोध कर रहा है. इस्लामाबाद का कहना है कि अहमद का मामला ब्रिटेन का आंतरिक मामला है. पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि उसकी रिहाई या ब्रिटिश कानून के तहत उसके साथ किए जा रहे व्यवहार से उसका कोई संबंध या जिम्मेदारी नहीं है. फराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया.
प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेंगे
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान शबीर अहमद को वापस लेने के लिए तैयार नहीं होता, तो वह प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेंगे. फराज ने कहा कि अगर उन्हें लड़ाई चाहिए, तो मैं उन्हें लड़ाई दूंगा. शबीर अहमद 73 साल का है और रोचडेल चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग का पूर्व सरगना रहा है. पीड़ित लड़कियां उसे ‘डैडी’ के नाम से जानती थीं. साल 2012 में उसे बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कई अपराधों में जेल की सजा सुनाई गई थी, जिनमें रेप भी शामिल था.
लड़कियों का यौन शोषण करने का दोषी
अहमद उन नौ लोगों में शामिल था, जिन्हें रोचडेल और ओल्डहम में दो टेकअवे रेस्टोरेंट से जुड़ी घटनाओं में लड़कियों का यौन शोषण करने का दोषी पाया गया था. इस मामले ने ब्रिटेन में बच्चों के यौन शोषण और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लंबे समय तक बहस छेड़ी थी. फराज ने अपने वीडियो में कहा कि अहमद अब इंग्लैंड के उत्तर-पश्चिमी इलाके में आजाद रह रहा है. उन्होंने ग्रूमिंग गैंग के बजाय ऐसे मामलों के लिए ‘रेप गैंग’ शब्द को ज्यादा सही बताया और पाकिस्तान से उसे वापस लेने की मांग की.
वीजा बैन और फ्लाइट बैन जैसे कदम शामिल
फराज ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में वीजा बैन और फ्लाइट बैन जैसे कदम शामिल हो सकते हैं. उन्होंने ब्रिटेन में पाकिस्तानी नागरिकों की संपत्ति फ्रीज करने की धमकी भी दी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर टैरिफ लगाने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है. फराज ने यह भी कहा कि दूसरे देशों को अपने उन नागरिकों को वापस लेना चाहिए, जिन्हें ब्रिटेन अपने यहां से हटाना चाहता है. उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि ब्रिटेन भी अपने उन नागरिकों को वापस स्वीकार करेगा, जिन्हें दूसरे देश लौटाना चाहते हैं.
ब्रिटेन से निर्वासित नहीं किया जा सकता
शबीर अहमद को जुलाई में लाइसेंस पर जेल से रिहा किया गया था. उसकी पीड़ितों को बताया गया कि करीब 55 साल पुराने एक कानून के कारण उसे ब्रिटेन से निर्वासित नहीं किया जा सकता. यह बात पहले किए गए वादों के उलट थी, जिसके बाद मामले पर विवाद बढ़ गया. उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गृह मंत्री से मामले की समीक्षा करने को कहा था. अहमद को पाकिस्तान भेजने में आ रही कानूनी बाधाओं को दूर करने के लिए कानून में बदलाव की मांग भी उठी. ब्रिटिश मंत्रियों ने कहा था कि सरकार उसे पाकिस्तान भेजने के रास्तों पर विचार कर रही है.
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