North Korea: उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un ने कहा है कि यदि वाशिंगटन लंबे समय से रुकी हुई वार्ता फिर शुरू करना चाहता है तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित शत्रुतापूर्ण नीतियों को छोड़ना होगा. किम ने यह बयान सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक के समापन के दौरान दिया. वहीं किम ने चेतावनी दी कि यदि उनके देश की सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु-संपन्न उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया को पूरी तरह से मिटा सकता है.
संबंधों को शत्रुतापूर्ण बताना खेदजनक
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि अंतर-कोरियाई संबंधों को शत्रुतापूर्ण बताना खेदजनक है. सियोल ने स्पष्ट किया कि वह शांति और संवाद के प्रयास धैर्यपूर्वक जारी रखेगा. किम ने एक बार फिर दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल के साथ किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत से इनकार कर दिया. हाल के वर्षों में उन्होंने सियोल के प्रति अपनी बयानबाजी और अधिक सख्त कर दी है.
सीधे सैन्य संघर्ष का संकेत नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सीधे सैन्य संघर्ष का संकेत नहीं देता, बल्कि उत्तर कोरिया की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. हालांकि किम जोंग उन ने सियोल से बातचीत से इनकार किया, लेकिन अमेरिका के साथ संभावित वार्ता के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए. किम ने अपनी सेना को और मजबूत करने के लिए नई हथियार प्रणालियों के विकास का आह्वान किया.
मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में उभरा
उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में परमाणु और मिसाइल तकनीक में तेज प्रगति के कारण उत्तर कोरिया एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में उभरा है. विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन अपने परमाणु हथियारों और मॉस्को तथा बीजिंग के साथ संबंधों के बल पर उत्तर कोरिया की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करना चाहते हैं. कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है, लेकिन फिलहाल स्थिति कूटनीतिक बयानबाजी तक सीमित है.
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