पाकिस्तान में रात 8 बजे के बाद क्यों थम जाएगी जिंदगी? लॉकडाउन के ऐलान ने बढ़ाई बेचैनी

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pakistan Lockdown: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और सऊदी अरब के तेल ढांचे पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान के सामने ईंधन संकट की चुनौती बढ़ती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर पाकिस्तान के सीमित विदेशी मुद्रा भंडार पर भी पड़ रहा है. बढ़ते आर्थिक दबाव और देश में ईंधन की खपत कम करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार एक संभावित ‘पेट्रोलियम स्मार्ट लॉकडाउन’ की योजना पर विचार कर रही है. हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज

सरकार का फैसला बाकी है Pakistan Lockdown

शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में आपातकालीन योजना के मसौदे पर चर्चा की गई. प्रस्तावित उपायों का मकसद ईंधन और बिजली की खपत को तत्काल कम करना है.

इसके तहत सरकारी और निजी संस्थानों के कामकाज में बदलाव से लेकर चार दिन के वर्किंग वीक और तीन दिन की छुट्टी, रोटेशन के आधार पर ड्यूटी और ऑनलाइन कक्षाओं जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, ये फिलहाल प्रस्तावित कदम हैं और इनके अंतिम रूप पर सरकार का फैसला बाकी है.

प्रस्तावित लॉकडाउन में क्या-क्या बदल सकता है?

ईंधन और बिजली की खपत घटाने के लिए पाकिस्तान सरकार कई सख्त उपायों पर विचार कर रही है. प्रस्तावित योजना के तहत रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज से जुड़े कई नियम बदले जा सकते हैं.

  1. दफ्तर और शिक्षण संस्थान: सरकारी और निजी कार्यालयों के साथ स्कूल-कॉलेजों को सप्ताह में सिर्फ चार दिन संचालित करने का प्रस्ताव है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को छुट्टी रखी जा सकती है.
  2. ऑनलाइन पढ़ाई: स्कूलों की छुट्टियों के साथ कॉलेज और विश्वविद्यालयों की कक्षाओं को भी तत्काल ऑनलाइन माध्यम में शिफ्ट करने का विकल्प रखा गया है.
  3. वर्क फ्रॉम होम और रोटेशन ड्यूटी: कॉर्पोरेट और आईटी कंपनियों में कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से काम करने की व्यवस्था सुझाई गई है. सरकारी विभागों में रोटेशन के आधार पर ड्यूटी लगाई जा सकती है.
  4. बाजार और मॉल: बिजली की खपत कम करने के लिए कमर्शियल मार्केट और शॉपिंग मॉल को रात 8 बजे तक बंद करने का प्रस्ताव है. रेस्टोरेंट और मैरिज हॉल के लिए रात 10 बजे की समयसीमा तय की जा सकती है. मेडिकल स्टोर जैसी जरूरी सेवाओं को इससे बाहर रखने का सुझाव है.
  5. सरकारी फ्यूल खर्च: सरकारी विभागों और मंत्रियों को मिलने वाले पेट्रोल/फ्यूल आवंटन में 50% तक कटौती का प्रस्ताव भी सामने आया है.

फिलहाल ये सभी प्रस्तावित उपाय हैं. इनके लागू होने से पहले सरकार की ओर से अंतिम फैसला और आधिकारिक आदेश जरूरी होगा.

गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान इस समय गंभीर (Pakistan Lockdown) ईंधन संकट से जूझ रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है. पाकिस्तान अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का करीब 70% हिस्सा मध्य-पूर्व के देशों से आयात करता है. मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच रिपोर्टों में अनुमान लगाया जा रहा है कि देश के पास पेट्रोल और डीजल का करीब 28 दिनों का स्टॉक ही उपलब्ध है.

मुश्किल यह भी है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. इससे पाकिस्तान के सीमित विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है. ऐसे हालात में सरकार ईंधन की खपत घटाने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कई कड़े कदमों पर विचार कर रही है. प्रस्तावित पाबंदियों का मकसद ईंधन की मांग को नियंत्रित करना और मौजूदा संकट के बीच आपूर्ति को बनाए रखना है.

ये भी पढ़ें- भारत-न्यूजीलैंड के व्यापारिक रिश्ते का नया चैप्टर, संसद में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर लगी मुहर 

Latest News

इंटरनेशनल वाटर्स में पाकिस्तान नेवी ने की उकसावे वाली हरकत, भारत ने दी चेतावनी

International Waters Clash: इंटरनेशनल वाटर्स में पाकिस्तान नेवी ने बेहद खतरनाक और उकसावे वाली हरकत की है. दरअसल, पाकिस्तानी...

More Articles Like This

Exit mobile version