Pakistani air strike: संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी मिशन ने पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष अफगान नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं. इसके साथ ही पाकिस्तान से अफगान क्षेत्र में सभी सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की गई है.
तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोमवार को बताया था कि 28 जून की रात पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए हवाई हमलों में 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल हुए. उन्होंने यह भी कहा कि हमलों में तीन रिहायशी मकान पूरी तरह तबाह हो गए. ये हमले अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन हैं और संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं.
नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मिशन के अनुसार, कोई भी सुरक्षा संबंधी चिंता ऐसे सैन्य अभियान को उचित नहीं ठहरा सकती, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान जाए या किसी दूसरे देश की सीमाओं का उल्लंघन हो. हर परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. अफगानिस्तान के लोग दशकों से युद्ध, हिंसा और अस्थिरता झेलते आ रहे हैं और आज भी उसके गंभीर परिणाम भुगत रहे हैं.
मिशन ने की तालिबान शासन की भी आलोचना
अफगान मिशन ने बयान में तालिबान शासन की भी आलोचना की. उन्होने कहा कि “तालिबान की दमनकारी नीतियों, मानवाधिकार उल्लंघनों और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफलता ने पहले ही अफगान जनता को भारी पीड़ा दी है. ऐसे में पाकिस्तान और तालिबान के बीच आतंकवाद के आरोपों और बढ़ते तनाव का खामियाजा आम अफगान नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए। नागरिकों की लगातार हो रही पीड़ा को सामान्य नहीं माना जा सकता.”
इसके अलावा, अफगान मिशन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्थिति पर करीबी नजर रखने, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों की पुष्टि करने और अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान सुनिश्चित करने की अपील की. साथ ही भविष्य में तनाव बढ़ने से रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोग शांति, सुरक्षा, अपनी संप्रभुता के सम्मान और आतंकवाद, हिंसा तथा भय से मुक्त जीवन के हकदार हैं.

