Manila: फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में स्थित मिंडानाओ द्वीप के तट के पास बुधवार सुबह तेज भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. ये झटके पूरे मिंडानाओ द्वीप में महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ समय के लिए दहशत फैल गई. कई लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप के तुरंत बाद किसी भी तरह के बड़े नुकसान या जान-माल के हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली.
अब तक किसी तरह की चोट या गंभीर क्षति की सूचना नहीं
भूकंप के केंद्र के आस-पास तैनात पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि अब तक किसी तरह की चोट या गंभीर क्षति की सूचना नहीं है. अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (पीएचआईवीओएलसीएस) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई. यह भूकंप सुबह 11:02 बजे स्थानीय समय पर आया और इसका केंद्र दावाओ ओरिएंटल प्रांत के तटीय कस्बे मैनाय से लगभग 47 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित था. भूकंप की गहराई 42 किलोमीटर बताई गई है.
इस भूकंप के बाद झटके आने की संभावना
पीएचआईवीओएलसीएस ने बताया कि इस भूकंप के बाद झटके (आफ्टरशॉक्स) आने की संभावना बनी हुई है. खासकर भूकंप के केंद्र के नजदीकी इलाकों में नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इससे पहले 22 दिसंबर 2025 को भी फिलीपींस के पास समुद्री क्षेत्र में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था. उस भूकंप की जानकारी जर्मनी के जीएफजेड रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने दी थी. तब भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी और उसका केंद्र 8.32 डिग्री उत्तरी अक्षांश तथा 127.57 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था.
6.9 तीव्रता का आया था एक बेहद शक्तिशाली भूकंप
इसके अलावा अक्टूबर 2025 में फिलीपींस के मध्य क्षेत्र में 6.9 तीव्रता का एक बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था. उस भूकंप में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई थीं. कुछ ढह भी गई थीं और कई लोगों की जान चली गई थी. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे हालात और भी खराब हो गए थे. उस भूकंप का केंद्र सेबू प्रांत के समुद्री शहर बोगो से लगभग 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था और इसकी गहराई महज पांच किलोमीटर थी. एहतियात के तौर पर सुनामी चेतावनी भी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया.
सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है फिलीपींस
फिलीपींस दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है. यह देश पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं.
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