नेपाल, फ्रांस के बाद अब फिलीपींस में भी सरकार के खिलाफ भड़की चिंगारी, इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरे हजारों लोग

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Philippines Protests : हाल ही में सोशल मीडिया के प्रतिबंध को लेकर नेपाल में काफी विरोध प्रदर्शन हुआ. इसी बीच अब नेपाल के बाद फिलीपींस में भी सरकार के खिलाफ लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है. विरोध प्रदर्शन के चलते फिलीपींस की राजधानी मनिला में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. बता दें कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस के लिए उन पर काबू पाना मुश्किल हो गया.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार फिलीपींस में यह विरोध एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले के खिलाफ था, जिसमें सांसदों के साथ कई सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं में भारी मात्रा में घूसखोरी की और गरीब व आपदा-प्रवण देश में सरकारी धन को लूटा. इस दौरान लोगों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस और सेना को अलर्ट पर रखा गया है. इसके साथ ही राजधानी क्षेत्र के मुख्य EDSA हाईवे के पास लोकतंत्र स्मारक के निकट हुए अलग-अलग प्रदर्शनों की सुरक्षा के लिए हज़ारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए.

अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने नागरिकों को दी सलाह

ऐसे में फिलीपींस में भारी विरोध को देखते हुए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने अपने नागरिकों को प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी है. जानकारी देते हुए बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने फिलीपींस के झंडे लहराने के साथ एक बड़ा बैनर दिखाया जिस पर लिखा था, “अब और नहीं, बहुत हो गया, इन्हें जेल भेजो”. ऐसे में इस मामले का लेकर छात्र नेता अल्थिया ट्रिनिडाड का कहना है कि “मुझे दुख होता है कि हम गरीबी में जीते हैं, हमारे घर और भविष्य बर्बाद हो जाते हैं, जबकि ये लोग हमारे टैक्स के पैसे से आलीशान कारें, विदेश यात्राएं और बड़ी व्यापारिक डील्स करते हैं.”

बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं को बताया घटिया

बता दें कि लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि फिलीपींस की बाढ़ परियोजनाओं में बड़ा घोटाला किया गया. वह बुलाकान प्रांत की निवासी हैं, जो बाढ़ से प्रभावित इलाका है और जहां, बाढ़-नियंत्रण परियोजनाओं को तो घटिया बताया गया है और या फिर कभी हुई ही नहीं. ऐसे में कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख कार्डिनल पाब्लो वर्जिलियो डेविड ने कहा कि “हमारा उद्देश्य अस्थिरता नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मज़बूत करना है.”

बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा

जानकारी के मुताबिक, जुलाई में राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने अपने राष्ट्र संबोधन में इस बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था. इस दौरान उन्‍होंने एक स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया, जिसने उन 9,855 परियोजनाओं की जांच शुरू की, बता दें कि इसकी कीमत 545 अरब पेसो (लगभग 9.5 अरब डॉलर) बताई गई थी. ऐसे में उन्होंने इस भ्रष्टाचार को “भयानक” करार दिया और साथ ही लोक निर्माण सचिव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया.

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