PM Modi Israel Visit : भारत अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए इजरायल के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत एडवांस ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलों और लेजर बेस्ड डिफेंस सिस्टम को अपनी सुरक्षा संरचना में शामिल कर अभेद्य मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा कवच तैयार करना चाहता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत और इजरायल के बीच उन्नत रक्षा तकनीकों को लेकर सहयोग बढ़ रहा है. इसके साथ ही इजरायल ने 100 किलोवाट क्षमता वाली ‘आयरन बीम’ लेजर सिस्टम को तैनात करना शुरू कर दिया है, माना जा रहा है कि भारत भी ऐसी तकनीक को अपनी सुरक्षा प्रणाली में शामिल करने पर विचार कर रहा है.
‘सुदर्शन चक्र’ नामक स्वदेशी मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम
इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरू होने वाले दो दिवसीय इजरायल दौरे के दौरान सुरक्षा सहयोग पर एक महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. बता दें कि 2017 के बाद पीएम मोदी का यह दूसरा इजरायल दौरा होगा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते में रक्षा खरीद के साथ-साथ उन्नत हथियार तकनीक के ट्रांसफर पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. बता दें कि इससे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को बढ़ावा मिलने की संभावना है. भारत 2035 तक शहरों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को मिसाइल तथा ड्रोन हमलों से बचाने के लिए ‘सुदर्शन चक्र’ नामक स्वदेशी मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहा है.
भारत बनेगा अभेद्य किला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस पहल में बराक-8 MR-SAM और LR-SAM सिस्टम्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस सेंसर और साइबर सिक्योरिटी मेकेनिज्म के साथ जोड़ा जाएगा. इसके साथ ही देश की वायु रक्षा क्षमता में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इजराइली हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया था और इनमें रैंपेज मिसाइल, हार्पी और हारोप जैसे कामिकाज ड्रोन शामिल थे, बता दें कि इन मिसाइलों का उपयोग पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में किया गया था. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और इजरायल के बीच बढ़ता सहयोग भविष्य में भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा.
भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता
मीडिया रिपोर्ट के दौरान इज़रायल ने 2026 में भारत के साथ 8.6 अरब डॉलर के रक्षा सौदों पर सहमति जताई है, जिससे माना जा रहा है कि वह फ्रांस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है. इस सौदों में राफेल द्वारा निर्मित SPICE 1000 प्रिसिजन गाइडेंस बम, रैंपेज एयर-टू-सर्फेस मिसाइल (250 किमी रेंज), एयर लोरा एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल और आइसब्रेकर मिसाइल सिस्टम (300 किमी रेंज) शामिल हैं.
उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत
इस मामले को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र जल्द ही इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि इस यात्रा से भारत और इजराइल के बीच संबंध और मजबूत होंगे. ऐसे में उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि मध्य पूर्व क्षेत्र में एक व्यापक सुरक्षा गठबंधन बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. इसके साथ ही नेतन्याहू ने ये भी कहा कि यह गठबंधन ‘हेक्सागन’ यानी छह पक्षीय संरचना पर आधारित होगा. इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना. उन्होंने इस मामले पर जोर देते हुए कहा कि भारत के साथ सहयोग वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है.
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