PM Modi New Zealand Visit: भारत और न्यूजीलैंड के बीच के रिश्ते अब एक ऐतिहासिक मोड पर पहुंच गए हैं. पिछले 40 वर्ष में न्यूजीलैंड की धरती पर कदम रखने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर पीएम मोदी ने ऑकलैंड में एक नया इतिहास रच दिया है.
ऑकलैंड में आयोजित ‘इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस इवेंट’ में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ हिस्सा लेते हुए पीएम मोदी ने दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक रिश्तों को लेकर कई बड़े ऐलान किए. उन्होने कहा कि आज का भारत सिर्फ एक बाजार नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल ग्रोथ का एक मजबूत लॉन्चपैड बन चुका है.
रिकॉर्ड 9 महीने में हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते की तारीफ करते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड ने केवल 9 महीने के रिकॉर्ड समय में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को पूरा किया है. पूरी दुनिया में संभवतः यह पहली बार है जब इतनी तेजी से किसी एफटीए को जमीन पर उतारा गया है. यह समझौता दोनों देशों के बिजनेस के लिए मार्केट एक्सेस, इन्वेस्टमेंट, सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और टैलेंट मोबिलिटी के नए दरवाजे खोलेगा. इस दौरान पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि इस समझौते के दम पर साल 2030 तक भारत और न्यूजीलैंड का आपसी व्यापार दोगुना हो जाएगा.
अगले 15 वर्षों में 20 बिलियन का निवेश
भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डोमेस्टिक एविएशन मार्केट
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है. उन्होंने कहा कि वो न्यूजीलैंड में भारत के 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं और सपनों का संदेश लेकर आए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि “आप सभी की उपस्थिति न्यूजीलैंड की इनोवेशन, एंटरप्राइज और फ्यूचर ओरिएंटेड सोच का प्रतीक है.”
रणनीतिक साझेदारी का नया सफर
इसके अलावा पीएम मोदी ने ये भी स्पष्ट किया कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध अब सिर्फ डिप्लोमैटिक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि दोनों देश अपने रिश्तों को ‘स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के सूत्र में बांध रहे हैं. लोकतांत्रिक मूल्यों पर दोनों देशों का अटूट भरोसा इन्हें एक ‘नेचुरल पार्टनर’ बनाता है. दो बड़े समुद्री देश होने के नाते भारत और न्यूजीलैंड का यह करीबी सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र को एक नई ताकत देगा और वैश्विक शांति, स्थिरता-सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा.