Iran vs Israel-US War: मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच ईद की वजह से बिहार निवासी अवाना शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह का पार्थिव शरीर दुबई में फंस गया है. घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने विदेश मंत्रालय और बिहार सरकार से राकेश के पार्थिव शरीर वापस लाने के लिए मदद मांगी है. हालांकि वीजा मिला है लेकिन ईद की वजह से संभवत कैप्टन का पार्थिव शरीर सोमवार तक पटना एयरपोर्ट आने की उम्मीद की जा रही है.
रांची में रहता है परिवार
दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान के साथ 28 फरवरी से जारी युद्ध के कारण स्टेट ऑफ होर्मुज के समुद्र में फंसे अवाना शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47) की मौत हो गई थी. इनका परिवार रांची के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में रहता है. वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ के रहने वाले थे. उनका पार्थिव शरीर दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा हुआ है.
एक मार्च को भारत के लिए हुआ रवाना
शिप तेल लेने के लिए स्टेट ऑफ होर्मुज गया था. तेल लेने के बाद शिप एक मार्च को भारत के लिए रवाना हुआ. दुबई से 60 किमी की समुद्री दूरी तय करने के बाद युद्ध के प्रभाव के कारण अवाना शिप समुद्र में ही लंगर डालकर 18 दिनों से खड़ा था. कैप्टन राकेश रंजन सिंह के अलावा शिप पर करीब 35 स्टाफ और भी थे.
एयर एंबुलेंस देने से कर दिया मना
18 मार्च को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई. शिप के कनीय अफसरों ने दुबई एटीसी से संपर्क साधकर एयर एंबुलेंस की मांग की. लेकिन युद्ध के कारण एयर एंबुलेंस देने से एटीसी ने मना कर दिया. इसके बाद बोट के जरिये कैप्टन राकेश रंजन सिंह को शिप से दुबई के तट पर ले जाया गया. लेकिन इन सबमें समय ज्यादा लग जाने के कारण उनकी मौत हो गई.
अस्पताल की मॉर्चरी में है कैप्टन का पार्थिव शरीर
कैप्टन सिंह का पार्थिव शरीर फिलहाल दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है. वहां की पुलिस और चिकित्सकीय जांच में यह बात सामने आई है कि कैप्टन राकेश रंजन सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई है. रांची के वसुंधरा अपार्टमेंट में वर्तमान में उनकी पत्नी रंजू कुमारी और छोटा बेटा अधीश प्रताप सिंह (15) हैं. छोटा बेटा आचार्यकुलम में पढ़ाई करता है, जबकि बड़ा बेटा प्रवर सिंह (20) बेंगलुरु से इंजीनियरिंग कर रहा है.
घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की खबर आने के बाद रांची स्थित घर के अलावा बिहार शरीफ स्थित घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. दुबई में कैप्टन के एक बहनोई अनूप सिंह रहते हैं जो पार्थिव शरीर को वहां से लाने की कोशिश कर रहे हैं. गुरुवार सुबह वीजा मिला है लेकिन ईद की वजह से संभवत कैप्टन का पार्थिव शरीर सोमवार तक पटना एयरपोर्ट आने की उम्मीद की जा रही है. वहां से पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर बिहार शरीफ ले जाया जायेगा. अंतिम संस्कार वहीं पर होगा.
बिहार सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील
कैप्टन राकेश रंजन सिंह के दोनों बड़े भाई मुन्ना सिंह और मंटू सिंह ने बिहार सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि उनके छोटे भाई का पार्थिव शरीर दुबई से वापस लाने में हमारी मदद करें. युद्ध के कारण उनका पार्थिव शरीर लाने में परेशानी हो रही है.
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