बांग्लादेश में शेख हसीना के करीबी हिंदू नेता की पुलिस हिरासत में मौत, जेल में अच्छी तरह से नहीं मिला इलाज

Dhaka: बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के हिंदू राजनेता प्रोलॉय चाकी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है. 60 वर्षीय प्रोलॉय चाकी एक गायक भी थे, जो 2024 के छात्र आंदोलन से जुड़े एक विस्फोट मामले में जेल में थे. परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल में उन्हें अच्छी तरह से इलाज नहीं मिला, जिस वजह से उनकी मौत हो गई. हालांकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है. पबना जेल अधीक्षक मोहम्मद ओमर फारूक ने कहा कि चाकी डाइबटीज और हृदय रोग सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे.

हसीना को भारत में लेनी पड़ी शरण

यह छात्र आंदोलन ही आगे जुलाई विद्रोह में बदल गया, जिसके कारण हसीना को न सिर्फ सत्ता से बाहर होना पड़ा बल्कि उन्हें भारत में शरण लेनी पड़ी. बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार प्रोलॉय चाकी की रविवार को जेल हिरासत में राजशाही मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई. चाकी अवामी लीग की पबना जिला इकाई के सांस्कृतिक मामलों के सचिव थे. पबना सैममिलिटो शांगस्क्रिटिक जोटे के सचिव भास्कर चौधरी के अनुसार चाकी 1990 के दशक के एक प्रमुख सांस्कृतिक कार्यकर्ता थे.

एक प्रसिद्ध गायक और म्यूजिक डायरेक्टर थे चाकी

उन्होंने कहा कि वह अपनी राजनीतिक पहचान से परे एक प्रसिद्ध गायक और म्यूजिक डायरेक्टर थे. उन्होंने पबना में श्री श्री राम कृष्ण शीबाश्रम के सचिव के रूप में भी काम किया. हम उनकी मृत्यु को इस तरह से स्वीकार नहीं कर सकते. दूसरी तरफ चाकी के परिवार ने उनकी हिरासत के दौरान लापरवाही और अपर्याप्त चिकित्सा देखभाल का आरोप लगाया है. उनके बेटे सोनी चाकी ने आरोप लगाया कि उस समय किसी भी मामले में नाम नहीं होने के बावजूद उनके पिता को गिरफ्तार किया गया था.

लंबे समय से डाइबटीज और हृदय रोग से पीड़ित थे मेरे पिता

उन्होंने द डेली स्टार को बताया कि बाद में उन्हें 4 अगस्त की हिंसा से संबंधित विस्फोटक मामले में गिरफ्तार दिखाया गया. सोनी ने आरोप लगाया कि मेरे पिता लंबे समय से डाइबटीज और हृदय रोग से पीड़ित थे. जेल में उनकी हालत खराब हो गई लेकिन अधिकारियों ने हमें आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया. अन्य लोगों से जानकारी मिलने पर हम अस्पताल पहुंचे लेकिन उन्हें उचित इलाज नहीं मिला, जिससे उनकी मृत्यु हो गई. पबना जिला जेल के अधीक्षक ओमोर फारूक ने कहा कि प्रोलॉय चाकी डाइबटीज, हाई बीपी और हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं से पीड़ित थे.

अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया उनका निधन

इस वजह से जेल के डॉक्टरों ने उन्हें पहले पबना सदर अस्पताल भेजा और वहां से उन्हें शुक्रवार रात राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया. फारूक ने कहा कि रविवार रात 9 बजे के बाद राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. परिवार के आरोपों को खारिज करते हुए जेल के अधीक्षक ओमोर फारूक ने इस बात पर जोर दिया कि चाकी को उनके मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर दवा उपलब्ध कराई गई थी. उन्होंने कहा कि जैसे ही उनकी हालत गंभीर हुई उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

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