यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस बना रहा सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क, लंबी दूरी के ड्रोन को नियंत्रित करने का बडा प्लान

Russia Ukraine War: रूस की कंपनी Bureau 1440 ‘रासवेट’ (Rassvet यानी Dawn) नाम से लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क बना रही है. पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेनी खुफिया अधिकारियों के मुताबिक रूस इस सिस्टम को तय योजना से कहीं तेज गति से अंतरिक्ष में भेज रहा है. आने वाले समय में यह युद्ध के मैदान का नक्शा बदल सकता है. रासवेट के पहले 16 सैटेलाइट मार्च में लॉन्च किए गए थे. इसके बाद जुलाई में दूसरा बैच भी अंतरिक्ष में पहुंचाया गया.

स्टारलिंक सिग्नल उपलब्ध कराने की मांग

यही वजह है कि यूक्रेन अब एलन मस्क से रूस के ऊपर भी स्टारलिंक सिग्नल उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है, ताकि वह रूस के अंदर लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमलों की क्षमता बढ़ा सके. हालांकि इसकी संभावना बहुत कम है कि मस्क की कंपनी ऐसा कुछ करके पुतिन से पंगा ले. यूक्रेनी राष्ट्रपति के सलाहकार सर्ही बेकरेस्तनोव के मुताबिक रूस के करीब 40 रासवेट सैटेलाइट अब अंतरिक्ष में हैं.

292 सैटेलाइट का नेटवर्क तैयार

रूस के प्लान 2027 तक पूर्वी यूरोप के ऊपर नियमित कवरेज देने वाले 292 सैटेलाइट का नेटवर्क तैयार करने की है. 2035 तक इसे बढ़ाकर 924 सैटेलाइट करने का लक्ष्य बताया गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सीधे इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी ले रहे हैं. 12 जून को सैनिकों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि स्टारलिंक जैसा रूसी सिस्टम अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही सैनिक इसे जमीन पर इस्तेमाल करते दिख सकते हैं.

सीमित समय के लिए इस्तेमाल

यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के डिप्टी चीफ मेजर जनरल वादिम स्किबित्स्की के मुताबिक रासवेट के सैटेलाइट अब यूक्रेनी इलाके के ऊपर से गुजरते समय सीमित समय के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. इसका सबसे बड़ा असर ड्रोन युद्ध पर पड़ सकता है. यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में रूस सैटेलाइट लिंक के जरिए लंबी दूरी के ड्रोन को ऑनलाइन नियंत्रित कर सकता है. हजारों किलोमीटर दूर बैठकर ड्रोन ऑपरेटर रियल टाइम कम्युनिकेशन कर सकता है.

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