इराकी ड्रोन ने फोड़ी सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन , अंतरिक्ष तक दिखा धुएं का गुबार

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Iraq Drone Oil Pipeline Attack: सऊदी अरब के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. दरअसल, गुरुवार सुबह इराक की तरफ से लॉन्च किए गए कई ड्रोन ने सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को निशाना बनाया, जिससे वहां मौजूद पंपिंग स्टेशन तबाह हो गया और कुछ लोग भी घायल हुए है. इसके बाद सऊदी अरब ने एहतियाती कदम उठाते हुए पाइपलाइन को बंद कर दिया.

इस खबर के सामने आते ही दुनिया के तेल बाजार में हलचल मच गई, वहीं कच्चे तेल की कीमत कुछ समय के लिए करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. बता दें कि ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फारस की खाड़ी के पास स्थित अबकैक से तेल को लाल सागर के किनारे बसे यनबू तक पहुंचाती है.

होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से पैदा हुई मुश्किलों के बीच सऊदी अरब इस पाइपलाइन पर पहले से ज्यादा निर्भर हो गया है. क्योंकि अब उसका तेल व्यापार लाल सागर से हो रहा है, जिसे चालू रखने के लिए ये पाइपलाइन बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में इस पर ड्रोन हमला सिर्फ एक पाइपलाइन पर हमला नहीं, बल्कि क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता का नया संकेत बन गया है.

सऊदी के सामने पहले ही मुसीबत

सऊदी अरब के सामने यह संकट ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में युद्ध का असर तेल और समुद्री व्यापार के रास्तों पर लगातार बढ़ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से फारस की खाड़ी से तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है. ऐसे में सऊदी अरब लाल सागर के रास्ते तेल भेजने वाली अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ज्यादा भरोसा कर रहा है. लेकिन अब इसी रास्ते को ड्रोन हमले ने चिंता के घेरे में ला दिया है.

तेल के दाम में आया उछाल

सऊदी पाइपलाइन पर हमले की खबर का असर तुरंत अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में दिखाई दिया. ब्रेंट क्रूड की कीमत शुरुआती कारोबार में तेजी से बढ़ी और करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. बाद में इसमें कुछ नरमी आई और दोपहर तक कीमत करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही. अमेरिका में इस्तेमाल होने वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI की कीमत भी करीब 104 डॉलर तक पहुंची, हालांकि बाद में यह करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई.
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