New Delhi: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी आज चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. शी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और चीन 2020 की घातक गलवान झड़पों के बाद अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के प्रयास कर रहे हैं. भारत ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास और प्रगति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना एक प्रमुख शर्त है.
पीएम मोदी और शी के बीच बातचीत
हाल ही में बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और शी के बीच थोड़ी बातचीत हुई थी. अब उम्मीद है कि ये दोनों नेता इस सप्ताहांत नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विस्तृत द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. चीन की प्रमुख एयरलाइन ‘चाइना साउदर्न एयरलाइंस’ 21 सितंबर से नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच सीधी यात्री उड़ानें फिर शुरू करने जा रही है.
ग्वांगझोउ चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र
यह सेवा करीब छह साल के अंतराल के बाद बहाल होगी. चाइना साउदर्न के अनुसार, दिल्ली-ग्वांगझोउ मार्ग की बहाली के साथ दक्षिण एशिया में उसकी सेवाएं आठ राउंड-ट्रिप मार्गों पर सप्ताह में 100 से अधिक उड़ानों तक पहुंच जाएंगी. ग्वांगझोउ चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र है और दक्षिणी चीन के साथ भारत के व्यापारिक संपर्क के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है. एयर इंडिया ने इसी साल फरवरी में अपनी नई दिल्ली-चीन सर्विस फिर से शुरू की थी. वहीं, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने 18 अप्रैल को अपना कुनमिंग-कोलकाता रूट फिर से शुरू किया. एयर चाइना ने अप्रैल में अपनी बीजिंग-दिल्ली सर्विस फिर से शुरू की थी.
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