पुतिन की यात्रा से नहीं प्रभावित होगा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता- विदेश मंत्री एस. जयशंकर

New Delhi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि इससे भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रभावित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध पिछले 70-80 साल से सबसे स्थिर बड़े रिश्तों में रहे हैं. जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि भारत सभी बड़े देशों से रिश्ते रखता है. किसी भी देश को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि उसे हमारे फैसलों पर वीटोजैसा असर मिलेगा. वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के लिए व्यापार बड़ा मुद्दा है.

अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% तक शुल्क लगाया

एक कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही बातचीत करेगा. उन्होंने कहा कि डिप्लोमेसी किसी को खुश करने के लिए नहीं होती, यह देश के हितों की रक्षा के लिए होती है. अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% तक शुल्क लगाया है और रूसी तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त टैक्स लगाया था, जिसके कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है. भारत और अमेरिका अभी एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं.

सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा भारत

विदेश मंत्री ने कहा कि इस समझौते में भारत के किसानों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ा जाएगा. पुतिन की यात्रा पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि एक बड़े और उभरते हुए देश के रूप में भारत सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा. उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति की बुनियाद है स्वतंत्र विकल्प और रणनीतिक स्वतंत्रता. यही आगे भी जारी रहेगी.

भारत में शेख हसीना की मौजूदगी उनकी निजी पसंद

वहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच विदेश मंत्री ने साफ कहा कि भारत में उनकी मौजूदगी उनकी निजी पसंद है और यह उसी स्थिति से जुड़ी है जो पिछले साल बांग्लादेश में घटी थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत, बांग्लादेश का अच्छा पड़ोसी और शुभचिंतक है. बता दें कि बांग्लादेश की ओर से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग के बावजूद भारत ने अभी तक इस पर कोई सहमति नहीं दी है. पिछले महीने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी.

हसीना एक खास परिस्थिति में भारत आई थीं

पूछा गया कि क्या हसीना भारत में जितनी चाहें उतनी देर रह सकती हैं? इस पर जयशंकर ने कहा कि यह फैसला उनका अपना है. उन्होंने कहा कि वह एक खास परिस्थिति में भारत आई थीं और वही परिस्थितियां तय करेंगी कि आगे क्या होगा? भारत-बांग्लादेश संबंधों पर उन्होंने कहा कि भारत हमेशा यह चाहेगा कि पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक माहौल मजबूत रहे.

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