दक्षिण चीन सागर विवाद: फिलीपींस ने चीन के आरोपों को किया खारिज, कहा- भ्रामक जानकारी फैला रहा ड्रैगन

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

South China Sea: दक्षिण चीन सागर पर पूरी तरह से कब्‍जा करने के लिए चीन लगातार दूसरे देशों से टकराता रहता है. पिछले कुछ महीनों से चीन और फिलीपींस के तटरक्षक बलों के बीच होने वाली झड़पें खबरों में रही हैं. वहीं अब दक्षिण चीन सागर में विवादित स्प्रैटली द्वीप समूह के पास एक चीनी जहाज और एक फिलीपींस के आपूर्ति जहाज की टक्कर का मामला सामने आया है.

ऐसे में चीन के तटरक्षक बल ने बताया कि फिलीपींस के आपूर्ति जहाज ने द्वितीय थॉमस शोल के निकट पानी में प्रवेश किया, जो स्प्रैटली द्वीप समूह में एक जलमग्न चट्टान है. उन्‍होंने दावा किया कि फिलीपींस का एक जहाज अवैध रूप से रेनाई रीफ के पास के जलक्षेत्र में प्रवेश कर गया. तटरक्षक बल ने आगे कहा कि सोमवार को अयुंगिन शोल पर हमला किया गया, जिससे निपटने के लिए उन्हें उचित कार्रवाई करनी पड़ी.

फिलीपींस ने चीन के आरोपों को नकारा  

इस पर फिलीपींस के सशस्त्र बलों ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे सिरे से नकार दिया है. दरअसल, फिलीपींस के सशस्त्र बलों के कर्नल जेरेक्स त्रिनिदाद ने कहा कि एएफपी कानून मानवीय रोटेशन और पुन: आपूर्ति मिशन पर परिचालन विवरण पर चर्चा नहीं करेगा. अयुंगिन शोल जो कि विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर है. उन्होंने कहा कि फिलीपींस के विशेष आर्थिक खेत्र के भीतर चीनी जहाजों की उपस्थिति और गतिविधियां मनीला की संप्रभुता का उल्लंघन करती है. ये सब अब अहम मुद्दे बन चुके हैं. जेरेक्सेस त्रिनिदाद ने कहा कि चीन तटरक्षक बल की लगातार आक्रामक कार्रवाई से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा है.

चीन पर लगा आरोप

बता दें कि मई महीने की शुरूआत में फिलीपींस ने दक्षिण चीन सागर में गश्त के दौरान दो फिलीपीन जहाजों के खिलाफ बीजिंग द्वारा पानी की तोप का प्रयोग किया. इसके बाद एक चीनी दूत को बुलाया गया. इसके साथ ही चीन पर उत्पीड़न और खतरनाक युद्धाभ्यास करने का आरोप लगाया.

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