New Delhi: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को शिया मस्जिद को निशाना बनाकर किए गए भीषण आत्मघाती हमले के बाद पूरे दक्षिण एशिया में तनाव है. इस हमले के बाद कश्मीर घाटी में शनिवार को शिया समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया. सड़कों पर उतरकर हमले की कड़ी निंदा की है.
पाकिस्तान मुर्दाबाद जैसे नारे भी लगाए
चैनाबल पट्टन (बारामूला), इमामबाड़ा ज़दीबल, हरवान (श्रीनगर), इंदरकोट-सुंबल (बांदीपोरा) और डायवर परिहासिपोरा में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और हुकूमत-ए-पाकिस्तान मुर्दाबाद जैसे नारे भी लगाए. इस बीच भारत ने इस्लामाबाद की मस्जिद में हुए बम धमाके की निंदा की और इसमें हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया.
दूसरों को दोष देकर खुद को धोखा दे रहा है PAK
बयान में कहा गया है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने सामाजिक ताने-बाने को खराब करने वाली समस्याओं को गंभीरता से हल करने के बजाय पाकिस्तान अपनी घरेलू बुराइयों के लिए दूसरों को दोष देकर खुद को धोखा दे रहा है. इसमें आगे कहा गया है कि भारत ऐसे किसी भी आरोप को खारिज करता है जो जितना आधारहीन है, उतना ही बेकार भी है.
धमाके से पहले सुनाई दी थी गोलियों की आवाज़
इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक मस्जिद में हुए विस्फोट में 31 लोग मारे गए और 169 घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि शहर के तरलाई इलाके में शिया मस्जिद के गेट के पास पहुंचने के बाद एक आत्मघाती हमलावर ने एक डिवाइस में विस्फोट कर दिया जबकि चश्मदीदों ने बताया कि धमाके से पहले गोलियों की आवाज़ सुनाई दी थी.
हमलावर के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश
घटना के बाद भारी मात्रा में पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. इस बीच पुलिस हमलावर के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है. फिलहाल किसी भी समूह ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि, पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमलावर एक विदेशी नागरिक था और उसके संबंध फितना अल ख्वाराजी से थे. यह शब्द तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
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