Sweden: स्वीडन में 62 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी ही पत्नी को वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेल दिया. यहां तक कि बुजुर्ग पर लगभग 120 पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का भी संगीन आरोप लगा है. यह मामला इतना वीभत्स है कि इसकी तुलना फ्रांस के कुख्यात ‘गिज़ेल पेलिकॉट’ केस से की जा रही है, जिसने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी थी. ऐसी दिल दहला देने वाली घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है.
गंभीर मुकदमे दर्ज
महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर रेप, वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देने और मारपीट के गंभीर मुकदमे दर्ज किए गए हैं. बता दें कि स्वीडन के सख्त कानूनों के तहत यौन संबंध बेचना अपराध नहीं है, लेकिन उन्हें खरीदना गैरकानूनी है. ‘हेल्स एंजल्स’ जैसे खतरनाक गिरोह का सदस्य रह चुके आरोपी ने अपनी पत्नी की नशे की लत और उसकी लाचारी का फायदा उठाया.
पत्नी के लिए खोजे ऑनलाइन ग्राहक
उसने न केवल अपनी पत्नी के लिए ऑनलाइन ग्राहक खोजे और सौदे तय किए, बल्कि उसे ड्रग्स देकर और डरा-धमकाकर लगातार यौन शोषण का शिकार बनाया. अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह सिर्फ देह व्यापार का मामला नहीं है, बल्कि यह ‘निर्दयी शोषण’ है. हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने महिला पर ऑनलाइन वीडियो बनाने और अजनबियों के सामने खुद को पेश करने का भारी दबाव बनाया.
रेप जैसी वारदातों को दिया अंजाम
जब भी पीड़िता ने किसी खास व्यक्ति या परिस्थिति में मना करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और रेप जैसी वारदातों को अंजाम दिया. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह भयावह सिलसिला अगस्त 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच चलता रहा. इस मामले में पुलिस ने उन 120 पुरुषों की पहचान कर ली है जिन्होंने महिला की बेबसी का सौदा किया था.
बाकी के खिलाफ जांच जारी
इनमें से 26 लोगों पर पहले ही आरोप तय हो चुके हैं, जबकि बाकी के खिलाफ जांच जारी है. स्वीडन की जेंडर इक्वलिटी मंत्री नीना लार्सन ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि पुरुषों को महिलाओं के शरीर की खरीद-फरोख्त हर हाल में बंद करनी चाहिए. इस मामले की अदालती सुनवाई 13 अप्रैल से शुरू होने वाली है, जिससे अब पीड़िता को न्याय की उम्मीद है.
इसे भी पढ़ें. Gujarat: पीएम मोदी ने किया केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन, मेड इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड का दिया मंत्र