‘हमारा कोई संबंध नहीं’, भारत द्वारा जब्त किए गए तेल टैंकरों का ईरान से कनेक्शन पर तेरहान का बयान

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Tanker Seizure: भारत द्वारा इस महिने तीन अमेरिकी प्रतिबंधित तेल टैंकर जब्त किए है, जिसका कनेक्‍शन ईरान से बताया जा रहा है. लेकिन ईरान के राष्‍ट्रीय तेल कंपनी का कहना है कि उसका इससे कोई संबंध नहीं है. वहीं, भारत के इस कदम का मकसद अपनी समुद्री सीमा में अवैध तेल व्यापार और जहाजों के बीच छिपे हुए ट्रांसफर को रोकना है, जिससे तेल की वास्तविक उत्पत्ति का पता नहीं चलता.

सूत्रों के अनुसार, इन तीन टैंकरों (स्टेलर रूबी, अस्फाल्ट स्टार और अल जफजिआ) ने अक्सर अपनी पहचान बदलकर कानून से बचने की कोशिश की. इन टैंकरों के मालिक विदेशों में स्थित हैं.

भारतीय तटरक्षक की सक्रिय निगरानी

भारतीय तटरक्षक ने अपने समुद्री क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी के लिए लगभग 55 जहाज और 10-12 विमान तैनात किए हैं. हाल ही में एक अंतराष्‍ट्रीय तेल तस्करी गिरोह को भी तटरक्षक ने पकड़ा था. सूत्रों के मुताबिक, ये टैंकर बड़े पैमाने पर सस्ते तेल और तेल आधारित माल को मध्य समुद्र में अन्य जहाजों में ट्रांसफर कर तस्करी करते थे.

ये जहाज पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपना नाम, झंडा और अन्य पहचान बदल रहे थे. भारत की तटरक्षक टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डेटा, दस्तावेजों  की जांच और क्रू से पूछताछ कर अपराधियों के काम करने का तरीका उजागर किया.

अमेरिका ने पहले ही इन जहाजों पर लगाए थे प्रतिबंध

दरअसल, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फोरेन असेस्ट्स कंट्रोल (OFAC) ने पिछले साल ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1 नाम के जहाजों पर बैन लगाया था. उनके IMO नंबर मुंबई में जब्त जहाजों से मेल खाते हैं, यही वजह है कि इन जहाजों के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर तेल व्यापार में शामिल होने की आशंका है.

अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन और सुरक्षा

बता दें कि भारतीय तटरक्षक की यह कार्रवाई डिजिटल निगरानी और विस्तारित समुद्री उपस्थिति के माध्यम से की गई. इस ऑपरेशन ने भारत को समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन में एक प्रभावशाली भूमिका निभाने वाला देश साबित किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल अवैध तेल तस्करी रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत-यूएस सहयोग और समुद्री क्षेत्र में कड़ी निगरानी के संदेश को भी स्पष्ट करती है.

इसे भी पढें:-चीन से रिश्‍ता तोड़ने के लिए किसी भी देश पर दबाव नहीं बनाएगा अमेरिका: मार्को रुबियो

Latest News

18 February 2026 Ka Panchang: बुधवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

18 February 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त...

More Articles Like This