तिब्बत में बढ़ा चीन का अत्याचार, बौद्ध भिक्षु की संदिग्ध मौत, मानवाधिकार समूहों ने जताई चिंता

Must Read

New Delhi: चीनी पुलिस की हिरासत में तिब्बत के युवा भिक्षु सैमटेन की मौत हो गई. भिक्षु को हिरासत में लिया गया था. बाद में उसका शव मठ को सौंप दिया गया. भिक्षु की मौत ने चीन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं मानवाधिकार समूहों ने यातना और जबरन गोपनीयता की ओर इशारा किया है. मानवाधिकार पर्यवेक्षकों का कहना है कि है कि सैमटेन की मृत्यु कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि दमन के एक व्यापक स्वरूप का हिस्सा है.

यह घटना तिब्बत में बढ़ते दमन का हिस्सा

पाकिस्तान की ऑनलाइन मैगजीन Bitter Winter की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह घटना तिब्बत में बढ़ते दमन का हिस्सा है, जहां सामान्य गतिविधियों को भी सुरक्षा खतरा मानकर कार्रवाई की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, भिक्षु सैमटेन को हिरासत में लेने के बाद उनकी मौत हो गई. अधिकारियों ने इसे अचानक बीमारी बताया, लेकिन बीमारी, अस्पताल या हिरासत की स्थिति को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई.

भिक्षुओं को इस मामले पर चुप रहने की चेतावनी

बताया गया कि भिक्षुओं को इस मामले पर चुप रहने की चेतावनी दी गई. तिब्बत में इस तरह की घटनाओं पर सवाल उठाना भी जोखिम भरा माना जाता है. यह मठ, जहां सैमटेन रहते थे, तिब्बती भाषा और संस्कृति को बचाने के लिए जाना जाता है.रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की नजर में यही गतिविधियां “राजनीतिक रूप से संदिग्ध” मानी जाती हैं.

तिब्बत में सख्ती और बढ़ाई

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि Dalai Lama के 90वें जन्मदिन से पहले तिब्बत में सख्ती और बढ़ा दी गई है. मठों पर छापे, दलाई लामा की तस्वीरें हटाना और वरिष्ठ भिक्षुओं का गायब होना जैसे मामले सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत में हिरासत, मौत और चुप्पी का एक पैटर्न बन चुका है, जहां लोगों को डर के माहौल में जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

दमन का हिस्सा है सैमटेन की मृत्यु

मानवाधिकार पर्यवेक्षकों का तर्क है कि सैमटेन की मृत्यु कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि दमन के एक व्यापक स्वरूप का हिस्सा है. इसमें वरिष्ठ भिक्षुओं का जबरन गायब होना, दलाई लामा की तस्वीरों को हटाने के लिए मठों पर छापे मारना और भिक्षुओं को अपने आध्यात्मिक नेता की सार्वजनिक रूप से निंदा करने के लिए मजबूर करने वाले जबरन “राजनीतिक शिक्षा” सत्र शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें. LIVE: ‘आत्मनिर्भर शेखावाटी’ संगोष्ठी से CMD उपेंद्र राय, दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय का कार्यक्रम

 

Latest News

नेपाल में Gen-Z आंदोलन के 27 शहीद छात्रों के परिवारों को मिली सरकारी नौकरी, PM का बड़ा फैसला

Kathmandu: नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने Gen-Z आंदोलन में मारे गए 27 छात्रों...

More Articles Like This