Typhoon Champi: प्रशांत महासागर से उठा महातूफान ‘चांपी’ 23-24 अक्टूबर को ताइवान के उत्तर-पूर्वी तट से होते हुए चीन और जापान की तरफ बढ़ जाएगा. इसे लेकर ताइवान के सेंट्रल वेदर एडमिनिस्ट्रेशन ने चेतावनी भी जारी की है. जॉइंट टाइफून वॉर्निंग सेंटर के मुताबिक, यह तूफान के दौरान 213 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है.
वहीं, इससे पहले इसे सुपर टाइफून की श्रेणी में रखा गया था. उस समय हवाओं की रफ्तार करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई थी. हालांकि अब इसकी गति में कुछ कमी आई है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. ऐसे में तूफान की गंभीरता को देखते हुए ताइवान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इस तबाही से बचने के लिए 150 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.
चांपी तूफान से ताइवान में तबाही मचने की आशंका
बता दें कि इस तूफान के दौरान, ताइवान के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर और उत्तर-पूर्वी इलाकों में 900 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हो सकती है. इसके अलावा, समुद्र में 6 मीटर से भी ज्यादा ऊंची लहरें उठने की आशंका है. ऐसे में ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा है कि ‘हर नागरिक को सतर्क रहना चाहिए और तेज हवाओं व मूसलाधार बारिश से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए.’ वहीं, ताइवान प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए 23 हजार से अधिक सैनिकों को तैयार रहने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है.
क्या है इस तूफान का दायरा और असर?
चीन और जापान पर इस चक्रवात का असर
- चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने शंघाई सहित जियांगसू, झेजियांग और फुजियान प्रांतों के लिए लेवल चार का आपातकालीन अलर्ट जारी किया है.
- मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार से रविवार के बीच शंघाई और पूर्वी झेजियांग में भीषण बारिश हो सकती है. इससे निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है.
- उधर जापान की दो प्रमुख एयरलाइंस ने गुरुवार से शनिवार तक 110 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं. जापानी मौसम विभाग भी समुद्र में उठने वाली तेज लहरों पर लगातार नजर रख रहा है.