London: इंग्लैंड की अदालत ने नशा तस्करी के एक बड़े गिरोह में शामिल चार लोगों को 30 साल से ज्यादा की सजा सुनाई है. इनमें एक पंजाबी महिला भी शामिल है. यह फैसला बर्मिंघम क्राउन कोर्ट ने सुनाया. अदालत ने शाह रुख हुमायूं को 10 साल 9 महीने, गैब्रिएल कुनाइट को 7 साल 8 महीने, सिंडिजा विरसे को 6 साल 8 महीने और रुबनप्रीत कौर को 5 साल 4 महीने की सजा दी. इससे पहले इसी मामले में अरविंदर बैंस को भी दिसंबर 2022 में 9 साल की सजा सुनाई जा चुकी है.
संयुक्त जांच में पूरे गिरोह का खुलासा
राष्ट्रीय अपराध एजेंसी और मेट्रोपॉलिटन पुलिस की संयुक्त जांच में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि यह गिरोह अप्रैल से अगस्त 2022 के बीच 170 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन की सप्लाई कर चुका था. इस ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 13.6 मिलियन पाउंड बताई गई है. पुलिस के अनुसार गिरोह अपने नेटवर्क को छिपाने के लिए पासवर्ड, कोडनेम और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता था.
UK के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार
यह लोग बेहद संगठित तरीके से UK के अलग-अलग इलाकों में नशे की सप्लाई करते थे. 16 जून 2022 को अरविंदर बैंस को लंदन में 10 किलो उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद राष्ट्रीय अपराध एजेंसी और मेट्रोपॉलिटन पुलिस की संयुक्त जांच में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ. गिरोह के अन्य सदस्यों को जनवरी 2025 में UK के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया.
खासकर युवाओं को बनाते थे शिकार
सभी आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे और समाज, खासकर युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहे थे. अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कड़ी सजा सुनाई, ताकि यह साफ संदेश जाए कि नशा तस्करी के खिलाफ कानून बेहद सख्त है. ब्रिटेन के अधिकांश मादक पदार्थों के व्यापार पर अल्बानियाई लोगों का नियंत्रण है. तुर्कों और पाकिस्तानियों से कुछ प्रतिस्पर्धा है, लेकिन अल्बानियाई लोग अपने ‘व्यावसायिक’ तरीकों से इस उद्योग पर हावी हैं.
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