Ukraine Russia War: दक्षिणी रूस में यूक्रेनी ड्रोनों के हमलों में दो लोगों की मौत हो गई है. इन हमलों में दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया, जिससे एक रिफाइनरी को अपना संचालन रोकना पड़ा. क्रास्नोदार क्षेत्र के गवर्नर वेनियामिन कोंडरात्येव ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि अफिप्सकी तेल रिफाइनरी पर हुए हमले में ड्रोन के गिरते मलबे से दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. इस हमले से रिफाइनरी में आग लग गई.
रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा
पड़ोसी रोस्तोव क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि नोवोशाख्तिंस्की रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा है और हमले के बाद उसने अस्थायी रूप से रिफायनरी में कामकाज बंद कर दिया है. उन्होंने इस पर और ज्यादा जानकारी नहीं दी है. ताजा हमले 21 अगस्त को पर्म तेल रिफाइनरी पर हुए हमले के बाद हुए हैं. उस हमले में ड्रोनों की चपेट में आने से आग लग गई थी और महत्वपूर्ण तकनीकी इकाइयां क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसके चलते रिफाइनरी को संचालन स्थगित करना पड़ा था.
ड्रोन के मलबे से आग लगने की बात
दोनों रिफाइनरियां पहले भी ड्रोन हमलों का निशाना बन चुकी हैं. 11 जून 2026 को यूक्रेन की सेना ने दावा किया था कि उसने अफिप्सकी रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिसके बाद वहां आग लगने की खबर आई. रूसी अधिकारियों ने भी ड्रोन के मलबे से आग लगने की बात कही थी. हाल के महीनों में रूस के तेल और ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन के ड्रोन हमले बढ़े हैं. अफिप्सकी रिफाइनरी भी उन प्रमुख ऊर्जा प्रतिष्ठानों में शामिल रही है जिन्हें इन हमलों में नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं.
तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज
यूक्रेन ने इस साल की शुरुआत से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज कर दिए हैं. इन हमलों के कारण इस गर्मी रूस में ईंधन की व्यापक कमी देखी गई. रूसी तेल सुविधाओं पर यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन हमले युद्ध के नए मोर्चे को दर्शाते हैं, जहां ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. इस स्ट्रैटजी से उन्हें खासा नुकसान भी पहुंचा है और इससे निपटने के लिए रूसी सेनाओं को संघर्ष करना पड़ रहा है.
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