United Nations: पाकिस्तान इस वक्त तंगी की हालत से गुजर रहा है. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र की 2026 की ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फूड क्राइसिस ने इस देश के लिए और चिंता बढा दी है. रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के उन 10 देशों में शामिल है, जहां खाद्य संकट सबसे गंभीर रूप ले चुका है. देश में करीब 1.1 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्हें पर्याप्त खाना नहीं मिल पा रहा है और वे भुखमरी के कगार पर हैं.
दोनों स्थितियां सबसे खतरनाक
इनमें से लगभग 93 लाख लोग क्राइसिस स्तर पर हैं, जबकि 17 लाख लोग इमरजेंसी स्थिति में हैं. ये दोनों स्थितियां अकाल से ठीक पहले की सबसे खतरनाक अवस्था मानी जाती हैं, जहां लोगों के लिए रोज का खाना जुटाना भी संघर्ष बन जाता है. संयुक्त राष्ट्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह सिर्फ अस्थायी समस्या नहीं रही, बल्कि एक स्थायी वैश्विक संकट बन चुकी है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले महीनों में महंगाई और भूख दोनों और बढ़ सकते हैं.
आम लोगों के लिए राशन खरीदना मुश्किल
इस संकट के पीछे कई कारण हैं. 2025 में आई भारी बाढ़ और खराब मौसम ने लाखों लोगों की फसलें बर्बाद कर दीं, जिससे खाने की आपूर्ति पर असर पड़ा. इसके अलावा महंगाई बढ़ने से आम लोगों के लिए राशन खरीदना मुश्किल हो गया है. साथ ही कुपोषण, साफ पानी की कमी और कमजोर स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थिति को और गंभीर बना रही हैं. रिपोर्ट यह भी बताती है कि यह समस्या सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है.
पिछले वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, नाइजीरिया, सूडान, सीरिया, यमन, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो देश भी गंभीर संकट में हैं. इनमें से एक-तिहाई प्रभावित लोग सिर्फ 3 देशों सूडान, नाइजीरिया और कांगो में हैं. सूडान, नाइजीरिया और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो जैसे देशों में हालात बेहद खराब हैं. पूरी दुनिया में करीब 26.6 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा है.
इसे भी पढ़ें. Chhattisgarh: जवान के घर में घुसी प्रेमिका, पत्नी-बेटे का किया कत्ल, बेटी की हालत नाजुक