United Nations Security Council: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सना और होदेइदाह हवाईअड्डों पर ईरानी विमानों की कथित अनधिकृत लैंडिंग को यमन की “संप्रभुता का उल्लंघन” बताने वाले बयान का यमन के विदेश मंत्रालय ने स्वागत किया है. मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा परिषद की तरफ से यमन की संप्रभुता पर जोर दिया जाना सरकार के उस रुख को मजबूत करता है कि राज्य की संस्थाओं को बहाल करना और देश के सभी हिस्सों में उनका अधिकार स्थापित करना ही यमन में सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने का ‘सही रास्ता’ है.
मंत्रालय ने कहा कि हूती विद्रोहियों के लगातार हमले और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए उनके खतरे को देखते हुए सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है. साथ ही हूती विद्रोहियों तक हथियारों, सैन्य तकनीक और सैन्य विशेषज्ञता की आपूर्ति रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया.
अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए भी गंभीर चुनौती
यमन के विदेश मंत्रालय के बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यमन की सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने और उनकी क्षमताओं को बढ़ाने की अपील की गई, जिससे वे देश की संप्रभुता की रक्षा करने के साथ-साथ उसके तटों, क्षेत्रीय जलक्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें. यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष का असर सिर्फ देश की आंतरिक स्थिति तक सीमित नहीं है. लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा की है.
हूती विद्रोहियों ने सऊदी और यमन पर किए हमला
गुरुवार को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन में एक साथ बड़े हमले किए थे. पहला हमला यमन सरकार के मिलिट्री ठिकानों पर किया गया था, जिसमें 58 सैनिकों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए. यमन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सही समय और सही जगह पर जवाब दिया जाएगा. दूसरा हमला सऊदी के नजरान में हुआ था, जिसमें 11 नागरिक घायल हुए थे. इनमें 7 सऊदी, एक यमनी, दो मिस्र के, एक पाकिस्तानी नागरिक था. हमलों के बाद नजरान के कई हिस्सों में आग लग गई थी.