US ground troops : ईरान में अमेरिका के ग्राउंड ट्रूप्स उतारने की ख़बरों के बीच ग्राउंड फोर्सेज़ के कमांडर अमीर सरतीप अली जहांशाही ने ईरान की सरहदों का दौरा किया. ऐसे में अमीर सरतापी का कहना है कि ईरान का एक-एक इंच जवानों की होशियारी और तैयारी से महफूज़ है, प्राप्त जानकारी के अनुसार दुश्मन की हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है और साथ ही हर हालात से निपटने के लिए हम तैयार हैं. ये तैयारी अमेरिकी सेना से निपटने के लिए हो रही है, क्योंकि अमेरिका अपने खतरनाक सैन्य टुकड़ी को मिडिल ईस्ट में तैनात करने वाला है. बता दें कि युद्ध अब नया मोड़ ले सकता है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता हो नहीं पा रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान के राष्ट्र के नायक! सड़कों पर आपकी 25 रातों की उपस्थिति और सशस्त्र बलों के बलिदान ने प्रिय ईरान के लिए एक ऐतिहासिक विजय के लिए परिस्थितियां तैयार की हैं. बता दें कि वर्तमान में कोई भी ईरान और ईरानी जनता को अल्टीमेटम नहीं दे सकता. आपके बच्चे इस अवसर को तब तक हाथ से नहीं जाने देंगे जब तक कि विजय पूर्ण रूप से प्राप्त न हो जाए और “युद्ध-युद्धविराम-युद्ध” के इस भयावह चक्र का अंत न हो जाए.
‘पुतिन के संदेश और रूसी जनता का समर्थन’
बता दें कि “राष्ट्रपति पुतिन के संदेश और रूसी जनता का समर्थन हमें इस युद्ध में प्रेरित करता है. माना जा रहा है कि ईरानी जनता का प्रतिरोध और साहस नए बंधन का वादा करता है जो कि इस क्षेत्र के देशों द्वारा पूर्वी एशिया की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा. उन्होंने कहा कि ईरान की जनता की ओर से, मैं रूस की सरकार और जनता को धन्यवाद देता हूं.”
जीसीसी नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध की शुरुआत से ही, अमेरिकी सैनिक जीसीसी में स्थित सैन्य ठिकानों से भागकर होटलों और दफ्तरों में छिप गए हैं. इसके साथ ही वे जीसीसी नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिका के होटल उन अधिकारियों को बुकिंग देने से इनकार कर रहे हैं जो ग्राहकों के लिए खतरा बन सकते हैं. जीसीसी के होटलों को भी ऐसा ही करना चाहिए.
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