हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल-ड्रोन से किया भीषण हमला, US ने अपने नागरिकों को वापस बुलाया, जारी किया अलर्ट!

New Delhi: सऊदी अरब के आसमान में लगातार मिसाइलों और ड्रोन का खतरा मंडरा रहा है. शुक्रवार और शनिवार को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवा में ही नष्ट करने का दावा किया. हमलों की जद में देश का तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र, दक्षिणी इलाका, रियाद और मक्का क्षेत्र तक बताए गए है. रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है.

यात्रा को लेकर बेहद सतर्क रहने की सलाह

अमेरिका ने अपने नागरिकों को भी एयरपोर्ट और हवाई यात्रा को लेकर बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है. यह संकट सिर्फ सऊदी अरब की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. खाड़ी क्षेत्र में समुद्री रास्तों पर भी हमले बढ़ रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट में अक्टूबर के दौरान जहाजों पर करीब 35 हमले दर्ज किए गए हैं. इस बीच 27 भारतीय क्रू सदस्यों वाले तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर भी हमला हुआ, हालांकि सभी नाविक सुरक्षित हैं. यानी पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव अब जमीन, आसमान और समुद्र-तीनों मोर्चों पर असर दिखा रहा है.

एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार तड़के बताया कि उसने देश के तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया. इसके बाद दक्षिणी क्षेत्र की ओर हूतियों की ओर से लॉन्च किए गए एक अन्य ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया गया. इससे पहले शुक्रवार को गठबंधन ने मदीना क्षेत्र के ऊपर हूतियों का एक ड्रोन नष्ट करने की जानकारी दी थी. हालांकि, हूती समूह ने शुक्रवार को किसी भी हमले से इनकार किया था. गठबंधन ने शुक्रवार को यह भी दावा किया कि उसने हूतियों की ओर से दक्षिणी क्षेत्र की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया.

दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइल भी इंटरसेप्ट

गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki Al-Maliki ने मिसाइल दागे जाने की जानकारी दी, लेकिन यह नहीं बताया कि उसका निशाना क्या था और उससे कितना नुकसान हो सकता था. इसके अलावा रियाद और मक्का क्षेत्र के ऊपर भी ड्रोन को नष्ट करने की जानकारी दी गई. गुरुवार को रियाद की तरफ दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट करने का दावा किया गया था. लगातार हमलों के बीच रियाद स्थित अमेरिकी मिशन ने 30 अक्टूबर को नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की. इसमें कहा गया कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब के खिलाफ हमलों और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल रहे हैं. उनके निशाने पर नागरिक एयरपोर्ट और दूसरे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी रहे हैं.

यात्रा व्यवस्था में गंभीर बाधाएं

अमेरिकी मिशन के मुताबिक, इन हमलों के कारण आम नागरिकों की मौत और यात्रा व्यवस्था में गंभीर बाधाएं पैदा हुई हैं. अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है. अमेरिकी मिशन ने आशंका जताई है कि मौजूदा शत्रुता तेजी से बढ़ सकती है और इसका असर आसपास के इलाकों से आगे भी फैल सकता है. अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सऊदी अरब के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें. यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति एयरलाइन और एयरपोर्ट से जरूर जांच लें.

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