अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे चरण के लिए जिनेवा पहुंचे अराघची, न्‍यूक्लियर टेंशन के बीच फिर से शुरू हुई डिप्‍लोमेसी

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran diplomacy: अमेरिका-ईरान के बीच इन दिनों तनातनी का माहौल बना हुआ है. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को जिनेवा पहुंचे, जहां वो अमेरिका के साथ इनडायरेक्ट न्यूक्लियर बातचीत के दूसरे राउंड में तेहरान के डेलीगेशन को लीड करेंगे, यह बातचीत बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और अरब सागर में अमेरिकी सेना की मौजूदगी के बीच फिर से शुरू हो रही है.

ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अराघची एक डिप्लोमैटिक और टेक्निकल डेलीगेशन को लीड कर रहे हैं, जो मंगलवार की बातचीत से पहले स्विट्जरलैंड में कंसल्टेशन के लिए रविवार देर रात तेहरान से निकला है. इस बातचीत में फिर से ओमान मध्यस्थत की भूमिका निभाएगा. यह बातचीत इस महीने की शुरुआत में मस्कट में हुए शुरुआती राउंड के बाद हो रही है, जिसमें महीनों की रुकावट के बाद बातचीत फिर से शुरू हुई थी.

अलग अलग टेबल पर होगी वार्ता

ईरान के मंत्रालय ने कहा कि ओमान की मध्‍यस्‍थता और मदद से मंगलवार को इनडायरेक्ट ईरान-अमेरिका न्यूक्लियर बातचीत होगी.” यानी ईरान और अमेरिका का डेलिगेशन एक टेबल पर नहीं बैठेगा, बल्कि अलग-अलग कमरों में ओमान के डेलिगेशन के जरिए वार्ता करेगा.

जिनेवा मीटिंग में एनरिचमेंट लिमिट, मॉनिटरिंग और बैन में राहत को कवर करने वाले संभावित एग्रीमेंट के पैरामीटर पर फोकस होने की उम्मीद है. लेकिन दोनों तरफ अधिकारियों ने US रिप्रेजेंटेशन के लेवल की पुष्टि नहीं की है, हालांकि अमेरिकी दूतों के आने की उम्मीद है.

न्यूक्लियर टेंशन के बीच डिप्लोमेसी फिर से शुरू

बता दें कि अमेरिका और ईरान को बीच ये बातचीत साल 2025 में 12 दिनों तक चली लड़ाई के बाद हो रही है, जिसमें US ने ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की थी. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अपने जिनेवा दौरे के दौरान अराघची के स्विस और ओमानी अधिकारियों के साथ-साथ इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी से मिलने की उम्मीद है. ये मीटिंग्स ईरान के बढ़ते न्यूक्लियर प्रोग्राम, जिसमें बहुत ज़्यादा एनरिच्ड यूरेनियम का स्टॉक शामिल है, को लेकर इंटरनेशनल चिंता के बीच हो रही हैं.

इसे भी पढें:-भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल से हो सकता है लागू, संसद में शुरू हुई बहस  

Latest News

‘रणनीतिक विफलता’ की ओर बढ़ रहा है अमेरिका,बातचीत का रास्ता अपनाने की जरूरत, पूर्व अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की चेतावनी

US security strategy: वाशिंगटन की हालिया सैन्य सफलता भविष्य में बड़ी रणनीतिक समस्या बन सकती है. अमेरिका के पूर्व...

More Articles Like This

Exit mobile version