Islamabad: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की प्रस्तावित वार्ता को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचे हैं. पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इसहाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया.
ईरान-अमेरिका के बीच कोई बैठक नहीं
इसके बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई बैठक होने की योजना नहीं है. बाकाई ने कहा कि इसके बजाय पाकिस्तानी अधिकारी दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराएंगे. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर को भी वहां भेजा है.
वेंस इस बार नहीं गए पाकिस्तान
वे आज पाकिस्तान पहुंचेंगे. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बार पाकिस्तान नहीं गए हैं, उन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया है. जरूरत पड़ने पर वे इस्लामाबाद जा सकते हैं. दूसरी तरफ संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी इस बातचीत में शामिल नहीं हो रहे हैं. वे 11-12 अप्रैल को अमेरिका-ईरान की पहली बातचीत में डेलिगेशन के प्रमुख थे. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान में ईरान के साथ सीधे शांति वार्ता करेंगे. लेकिन ईरान की तरफ से अलग बयान आया.
ऐसी कोई बैठक तय ही नहीं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि ऐसी कोई बैठक तय ही नहीं है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अपनी बात सीधे अमेरिका से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अधिकारियों के जरिए पहुंचाएगा. यानी बातचीत अगर होगी भी तो आमने-सामने नहीं बल्कि बीच में पाकिस्तान मध्यस्थ का काम करेगा. यानी एक तरफ अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, दूसरी तरफ ईरान साफ इनकार कर रहा है.
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