New Delhi: मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत के लिए एक राहतभरी खबर सामने आई है. एक और भारतीय टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुका है. ‘निसोस केरोस’ नाम का यह जहाज विशाखापत्तनम जा रहा है. इसके 3 जून तक वहां पहुंचने की उम्मीद है. मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला यह जहाज 21 मई को शारजाह से रवाना हुआ था. शुक्रवार सुबह 6 बजे भारतीय समय के अनुसार इसे भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में देखा गया.
333 मीटर लंबा है यह जहाज
जहाजों की जानकारी रखने वाली संस्था ऑकविसर के मुताबिक, ‘विशाखापत्तनम की ओर आ रहे जहाज निसोस केरोस’ का मालिक अरेथुसा शिपिंग कॉरपोरेशन है. इसका संचालन किक्लेड्स मैरीटाइम कॉरपोरेशन कर रही है. यह जहाज 333 मीटर लंबा है. ईरान की न्यूज एजेंसी IRNA ने गुरुवार (28 मई) को बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले 24 घंटों में 23 कॉमर्शियल जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की परमिशन दी, जिनमें तेल टैंकर और कंटेनर जहाज शामिल हैं.
जहाजों को देना पड़ा कोई टोल
रिपोर्ट में कहा गया कि ईरानी सेना के मुताबिक, सभी जहाजों की आवाजाही आईआरजीसी अधिकारियों के साथ औपचारिक तालमेल के बाद हुई. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि होर्मुज से गुजरने के लिए जहाजों को कोई टोल देना पड़ा या नहीं. ईरान पहले ही कह चुका है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए टोल ले सकता है. इसी महीने ईरान ने समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ नाम की एजेंसी बनाने की घोषणा की थी.
स्ट्रेट में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करे
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने के लिए टोल वसूलने को अवैध बताया है. अमेरिका ने ईरान से मांग की है कि वह स्ट्रेट में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करे. फरवरी में अमेरिका-इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर बमबारी करने के बाद ईरान ने इस मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा दी थीं और जहाजों पर हमले किए थे.होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करना ईरान युद्ध खत्म करने की बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है.
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