Tehran: ईरान ने जासूसी के आरोप में दो लोगों को फांसी दे दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक याकूब करीमपुर और नासेर बेकरजादेह पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करने का आरोप था. अधिकारियों का कहना है कि एक आरोपी ने नतांज क्षेत्र में स्थित अहम परमाणु केंद्र और सरकारी हस्तियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की थी. यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच टकराव जारी है.
जासूसी के आरोपों में फांसी की सजाओं में तेजी
ईरान में पिछले कुछ महीनों में इज़राइल-अमेरिका के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच जासूसी के आरोपों में फांसी की सजाओं में तेजी आई है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा की पुष्टि के बाद उन्हें शनिवार सुबह फांसी पर लटका दिया गया. इससे पहले 20 अप्रैल, 2026 को भी ईरान ने मोहम्मद मासूम शाही और हामिद वलीदी नामक दो अन्य लोगों को मोसाद से जुड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा होने के आरोप में फांसी दी थी.
एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका
वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका लगा है. ईरान ने नया प्रस्ताव भेजकर युद्ध खत्म करने की पहल की, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया कि वह इससे संतुष्ट नहीं हैं. पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘अभी बातचीत चल रही है, लेकिन बात बन नहीं रही. उनके पास विकल्प है या तो डील करें या फिर हम उन्हें उड़ा देंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ऐसी मांगें रख रहा है, जिनसे अमेरिका सहमत नहीं हो सकता.
परमाणु कार्यक्रम पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं
ईरान ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया है, हालांकि इसके पूरे विवरण अभी सामने नहीं आए हैं. माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गतिरोध सुलझाने से जुड़ा है. लेकिन अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इसमें उनके मुख्य मुद्दे खासकर परमाणु कार्यक्रम पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है.
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