‘इस पैमाने का ऑपरेशन पहले कभी नहीं देखा गया…’, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ स्ट्राइक को बताया ऐतिहासिक

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US-Israel Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए बड़े अमेरिकी सैन्य हमले को दुनिया के सबसे बड़े, सबसे जटिल और सबसे ताकतवर सैन्य अभियानों में से एक बताया है. उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं और जब तक अमेरिका अपने सभी लक्ष्य पूरे नहीं कर लेता, तब तक यह सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.

36 घंटे तक चला ये अभियान

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर देश को संबोधित करते हुए बताया कि यह अभियान 36 घंटे तक चला. उन्होंने इस अभियान का नाम “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” बताया और कहा कि इस पैमाने का ऑपरेशन पहले कभी नहीं देखा गया. उन्होंने कहा, “किसी ने ऐसा कुछ नहीं देखा. हमने ईरान में सैकड़ों टारगेट पर हमला किया है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड की फैसिलिटी, ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं. हमने कुछ ही मिनटों में नौ जहाजों और उनकी नेवल बिल्डिंग को तबाह कर दिया. ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला खामेनेई मर चुके हैं.” उन्होंने खामेनेई पर आरोप लगाया कि उनके हाथ सैकड़ों और हजारों अमेरिकियों के खून से रंगे थे और वे कई देशों में निर्दोष लोगों की मौत के जिम्मेदार थे.

ईरान में लोग जश्न मनाते दिखाई दिए US-Israel Iran War

ट्रंप का दावा है कि खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरान में लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखाई दिए. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की पूरी सैन्य कमान खत्म हो चुकी है और कई अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं. उनके अनुसार, हजारों लोग संपर्क कर रहे हैं और छूट की मांग कर रहे हैं. ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस कार्रवाई में अमेरिका को भी नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि सेंटकॉम ने जानकारी दी है कि तीन अमेरिकी सैनिक कार्रवाई के दौरान मारे गए हैं.

सच्चे अमेरिकी देशभक्तों के लिए दुख मनाते हैं

ट्रंप ने आगे कहा, “एक देश के तौर पर, हम उन सच्चे अमेरिकी देशभक्तों के लिए दुख मनाते हैं जिन्होंने हमारे देश के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया है, भले ही हम उस नेक मिशन को जारी रखें जिसके लिए उन्होंने अपनी जान दी. और दुख की बात है कि शायद और भी नुकसान होंगे. इससे पहले कि यह खत्म हो, यही होता है. हर मुमकिन कोशिश करेंगे ताकि ऐसा न हो.”

जो लोग आजादी चाहते हैं, वे इस मौके का फायदा उठाएं

उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी ऐसे देश को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकता, जो आतंकवादी समूहों का समर्थन करता हो और दुनिया को अपनी शर्तों पर झुकाने की कोशिश करता हो. उन्होंने ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड से हथियार डालने की अपील की. ट्रंप ने कहा कि अगर वे आत्मसमर्पण करते हैं तो उन्हें पूरी छूट दी जाएगी, अन्यथा उन्हें निश्चित मौत का सामना करना पड़ेगा. ईरान की जनता को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि जो लोग आजादी चाहते हैं, वे इस मौके का फायदा उठाएं, हिम्मत दिखाएं और अपने देश को वापस लें. उन्होंने कहा कि अमेरिका उनके साथ है.

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