US Navy Ship Sunk: किसी भी देश के लिए युद्धपोत उसकी ताकत होती हैं. अमेरिका अपनी नेवी के दम पर ही पूरी दुनिया से टकराता रहता है, लेकिन हाल ही में उसने अपने ही दो युद्धपोत पर मिसाइलें बरसाकर उन्हें समुद्र की गहराई में दफन कर दिया. ऐसे में सवाल ये है कि क्या यह अरबों डॉलर की बर्बादी थी या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति छिपी है?
दरअसल, इसकी असली वजह सैन्य ताकत दिखाने के साथ-साथ पैसा बचाना और आधुनिक हथियारों की असली परीक्षा लेना है, लेकिन कैसे आइए समझते है…
जहाज तोड़ना ही पड़ जाता है महंगा
अमेरिका के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह लागत है. दरअसल, हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने अपने पहले परमाणु ऊर्जा से चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर USS Enterprise को रिसाइकल करने के लिए 400 मिलियन डॉलर से ज्यादा का ठेका दिया है. ऐसे में परमाणु जहाजों को तोड़ना बेहद महंगा और जटिल काम है, क्योंकि रेडियोएक्टिव हिस्सों को सख्त सुरक्षा नियमों के तहत हटाना पड़ता है. इतना ही नहीं, कई बार पुराने युद्धपोतों को स्क्रैप करने के बजाय सैन्य अभ्यास में लक्ष्य बनाकर डुबो दिया जाता है. इससे एक ओर असली युद्ध जैसी ट्रेनिंग भी हो जाती है और दूसरी तरफ रिटायर्ड जहाजों को स्क्रैप करने की जगह इस्तेमाल कर लिया जाता है.
जहाज को डुबोने से पहले क्या करते हैं?
सबसे खास बात ये है कि जहाजों को समुद्र में डुबाने से पहले उन्हें पूरी तरह साफ किया जाता है. शायद इतना, जितना जहाज अपने पूरे जीवनकाल में साफ नहीं होता है. अमेरिकी पर्यावरण एजेंसी (EPA) के नियमों के मुताबिक, जहाजों को समुद्र में डुबाने से पहले उसमे के तेल, जहरीले रसायन (PCB), मरकरी, फ्लोरोकार्बन और दूसरा खतरनाक कचरा निकाल दिया जाता है. इसके बाद ही उसे समुद्र में डुबोने की मंजूरी मिलती है.
6 देशों ने मिलकर बरसाईं मिसाइलें
हवाई के पास चल रहे RIMPAC 2026 अभ्यास में अमेरिका ने दो रिटायर्ड युद्धपोत USS पेलेलिउ (Peleliu) और USS मोबाइल बे (Mobile Bay) को लक्ष्य बनाया. इन पर अलग-अलग देशों के आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमे अमेरिकी LRASM एंटी-शिप मिसाइल, HIMARS रॉकेट सिस्टम, Apache हेलीकॉप्टर से दागी गई Spike NLOS मिसाइल, जापान की Type-12 मिसाइल, अमेरिकी पनडुब्बी USS Columbia से छोड़ी गई Harpoon मिसाइल और स्पेन के युद्धपोत से दागी गई हार्पून मिसाइल भी शामिल थीं. अर्थात यह सिर्फ जहाज डुबाना नहीं, बल्कि आधुनिक हथियारों का असली युद्ध जैसा परीक्षण भी था.
35 साल की सर्विस के बाद समंदर में आखिरी सफर
बता दें कि डुबाए गए दोनों जहाज कोई साधारण पोत नहीं थे. USS Peleliu ने 35 साल तक अमेरिकी नौसेना की सेवा की. इसने गल्फ वॉर, इराक युद्ध के अलावा फिलीपींस में ज्वालामुखी विस्फोट और पाकिस्तान में 2010 की बाढ़ के दौरान राहत अभियान में भी हिस्सा लिया था. वहीं USS Mobile Bay भी गल्फ वॉर और इराक अभियान का हिस्सा रहा. वर्षों तक सेवा देने के बाद दोनों जहाजों का अंत मिसाइलों की बौछार के बीच हुआ. USS Peleliu (LHA-5) को मार्च 2015 में 35 साल की सेवा के बाद डिकमीशन किया गया था. USS Mobile Bay (CG-53) को अगस्त 2023 में डिकमीशन किया गया था.
15 हजार फीट गहराई में हमेशा के लिए दफन
दोनों जहाजों को हवाई के काउआई द्वीप से 50 समुद्री मील दूर करीब 15,000 फीट (4.75 किलोमीटर) गहरे समुद्र में डुबोया गया, जहां इंसानों का पहुंचना लगभग असंभव है. अमेरिकी नियमों के मुताबिक, ऐसे सभी जहाजों को 6,000 फीट गहरे पानी और तट से काफी दूर डुबोया जाता है ताकि समुद्री यातायात प्रभावित न हो.
दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक कवायद
दरअसल, RIMPAC 2026 को दुनिया का सबसे बड़ा संयुक्त नौसैनिक अभ्यास माना जाता है. 1971 में शुरू हुई इस कवायद के 30वें संस्करण में 30 देश, 30 युद्धपोत, 5 पनडुब्बियां, 190 से ज्यादा विमान और करीब 30 हजार सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.

