New Delhi: अमेरिका ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए अपने करीब दोस्त पाकिस्तान को खुश कर दिया है. इसके साथ ही चीन के पक्ष को भी मजबूत कर दिया है. बता दें कि भारत के मानचित्र में गुलाम जम्मू-कश्मीर समेत जम्मू-कश्मीर का पूरा इलाका और अक्साई चिन को भारत के हिस्से के तौर पर दिखाया गया था.
अंतरिम समझौता फ्रेमवर्क के विवरण की घोषणा
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने वह इंटरनेट मीडिया पोस्ट डिलीट कर दी है. पिछले हफ्ते जब अमेरिका और भारत ने व्यापार पर द्विपक्षीय अंतरिम समझौता फ्रेमवर्क के विवरण की घोषणा की थी तो यूएसटीआर कार्यालय ने X पर व्यापार समझौते के बारे में जानकारी के साथ-साथ उक्त मानचित्र भी पोस्ट किया था. हालांकि इस पोस्ट को बिना किसी स्पष्टीकरण के डिलीट किया गया है.
पूरा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा
इससे पहले के भारत के मानचित्रों में गुलाम जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन इलाके को एक अलग रेखा के जरिये प्रदर्शित किया गया था. भारत ने हमेशा जोर देकर कहा है कि पूरा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. भारत का यह भी कहना है कि ऐतिहासिक दावों और पिछली संधियों के आधार पर अक्साई चिन उसका हिस्सा है.
विवादित दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा
इससे पहले चीन की तरफ से जारी स्टैंडर्ड मैप में उसने अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चिन इलाके, ताइवान और विवादित दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा किया था. इससे पहले अमेरिकी सरकार के नक्शों में आमतौर पर पीओके को अलग दिखाया जाता था जो पाकिस्तान के दावे को दर्शाता था. लेकिन जो नक्शा अब हटा दिया गया है, उसमें ऐसी कोई अलग लाइन नहीं थी और सभी विवादित इलाके भारत की सीमा के भीतर दिखाए गए थे.
दोनों देशों के बीच ट्रेड को लेकर तनातनी
कुछ समय पहले तक दोनों देशों के बीच ट्रेड को लेकर तनातनी चल रही थी. अब दोनों ने टैरिफ घटाने पर सहमति जताई है. अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है, जो एशियाई देशों में सबसे कम है. इस फैसले से दोनों देशों के बीच सहयोग का रास्ता खुलता दिख रहा है.
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