Venezuela Earthquake: क्यों आए वेनेजुएला में 7+ तीव्रता के लगातार दो भूकंप? जानिए इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Venezuela Earthquake: एक पल पहले तक सबकुछ सामान्य था. लोग अपने घरों, दफ्तरों और बाजारों में रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त थे. तभी अचानक धरती इस तरह कांपने लगी कि ऊंची-ऊंची इमारतें झूलने लगीं, दीवारें भरभराकर गिरने लगीं और लोग अपनी जान बचाने के लिए चीखते हुए सड़कों पर दौड़ पड़े. कुछ ही मिनटों के भीतर आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास समेत कई शहरों में दहशत फैला दी.

धूल के गुबार, मलबे में तब्दील इमारतें और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखकर लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर कुछ सेकंड में सब कुछ कैसे बदल गया. इस भयावह आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, जबकि वैज्ञानिक अब इस भूकंप के पीछे की बड़ी वजह भी बता रहे हैं.

कुछ ही मिनटों में आए दो बड़े भूकंप

बुधवार की शाम वेनेजुएला में लगातार दो शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र कैरेबियन तट पर स्थित मोरोन समुदाय के पश्चिम में था. यह स्थान राजधानी काराकास से लगभग 168 किलोमीटर दूर स्थित है. पहले भूकंप की गहराई 13 किलोमीटर दर्ज की गई. पहले झटके के कुछ ही मिनट बाद दूसरा और उससे भी अधिक शक्तिशाली 7.5 तीव्रता का भूकंप आया.

इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी और इसका केंद्र मोरोन से करीब 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में बताया गया. लगातार दो बड़े झटकों के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे.

काराकास में मचा हड़कंप

भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकास में देखने को मिला. कई इमारतों की दीवारें गिर गईं, कई भवनों को गंभीर नुकसान पहुंचा और पूरे शहर में धूल के गुबार छा गए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग घबराकर इमारतों से बाहर भागते दिखाई दिए, जबकि कई जगहों पर सड़कें मलबे से भर गईं.

आंतरिक मंत्री डियोस्डाडो काबेलो ने बताया कि भूकंप के झटके देश के कई राज्यों में महसूस किए गए. उन्होंने विशेष रूप से काराकास के अल्तामिरा इलाके में हुए भारी नुकसान का जिक्र किया और लोगों से आफ्टरशॉक्स को देखते हुए क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की.

आखिर क्यों आया इतना शक्तिशाली भूकंप?

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप का सबसे बड़ा कारण पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेट्स की लगातार होने वाली हलचल है. वेनेजुएला कैरेबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट (South American Plate) की सीमा पर स्थित है. कैरेबियन प्लेट हर साल लगभग 20 मिलीमीटर की रफ्तार से पूर्व दिशा की ओर खिसक रही है. यह क्षेत्र ट्रांसफॉर्म प्लेट बाउंड्री माना जाता है, जहां दोनों प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर खिसकती रहती हैं.

लंबे समय तक प्लेटों के बीच तनाव जमा होने के बाद अचानक ऊर्जा निकलती है और शक्तिशाली भूकंप आता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार दोनों भूकंप अपेक्षाकृत कम गहराई यानी 10 से 13 किलोमीटर के बीच आए. उथले भूकंप होने के कारण जमीन पर कंपन कहीं अधिक महसूस हुआ और नुकसान भी ज्यादा हुआ.

पहले भी कई बार कांप चुकी है वेनेजुएला की धरती

भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार यह इलाका लंबे समय से भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है. वर्ष 1812 और 1900 में भी काराकास और आसपास के क्षेत्रों में 7 से अधिक तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्लेट बाउंड्री का बड़ा हिस्सा अब भी “लॉक्ड” स्थिति में है, यानी वहां लगातार तनाव जमा हो रहा है. भविष्य में यह क्षेत्र और भी बड़े भूकंप पैदा करने की क्षमता रखता है.

काराकास में राहत और बचाव अभियान जारी

भूकंप के बाद राजधानी समेत कई प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. कई स्थानों पर इमारतों के मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है. आंतरिक मंत्री डियोस्डाडो काबेलो ने कहा कि कुछ लोग घायल हुए हैं और सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे आफ्टरशॉक्स के खतरे को देखते हुए घरों के अंदर जाने से बचें. उन्होंने वाहन चालकों से एम्बुलेंस और राहत वाहनों के लिए रास्ता खाली रखने की भी अपील की.

उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी लोग एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखें ताकि किसी भी जरूरतमंद तक जल्द मदद पहुंचाई जा सके.

सुनामी अलर्ट क्यों जारी किया गया?

भूकंप के बाद अमेरिकी पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए सुनामी अलर्ट जारी किया. विशेषज्ञों के अनुसार जब समुद्र के भीतर या समुद्र के बेहद करीब 7 या उससे अधिक तीव्रता का उथला भूकंप आता है तो समुद्र तल में अचानक बदलाव होने से सुनामी की आशंका बढ़ जाती है. यही वजह थी कि एहतियात के तौर पर आसपास के तटीय इलाकों और द्वीपों के लिए चेतावनी जारी की गई. हालांकि बाद में स्थिति का आकलन करने के बाद सुनामी अलर्ट वापस ले लिया गया, क्योंकि समुद्र में किसी बड़ी सुनामी लहर की पुष्टि नहीं हुई.

क्यों बढ़ रही है चिंता?

वैज्ञानिकों का कहना है कि वेनेजुएला पहले से ही भूकंप संभावित क्षेत्रों में शामिल है. यहां पिछले कई दशकों में 6 या उससे अधिक तीव्रता के कई भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं. वर्ष 1967 का विनाशकारी भूकंप भी देश के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे क्षेत्रों में मजबूत भवन निर्माण, बेहतर आपदा प्रबंधन और लोगों में जागरूकता ही जान-माल के नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है.

पूरी दुनिया की नजर वेनेजुएला पर

इस आपदा ने केवल वेनेजुएला ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है. कुछ ही मिनटों तक चली इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति के सामने इंसान कितना बेबस है. मजबूत इमारतें, व्यस्त शहर और सामान्य जिंदगी कुछ ही सेकंड में तबाही के मंजर में बदल सकती है.

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