World Hindi Day : चीन के शंघाई शहर में स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास ने प्रधान वाणिज्य दूत प्रतीक माथुर की अगुवाई में विश्व हिंदी दिवस बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया. इसके साथ ही हिंदी की गरिमा और वैभव को उजागर करते हुए मुख्य वाणिज्य दूत ने प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश पढ़ा, उस संदेश में लिखा गया कि हिंदी केवल एक भाषा मात्र नहीं, बल्कि भारत की संवेदना, संस्कार और चिंतन को विश्व तक पहुंचाने वाली सशक्त कड़ी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीएम मोदी का यह संदेश सभी एकत्रित भारतीय समुदाय के मित्रों के बीच साझा किया गया. बता दें कि इस अवसर पर और भी कई देशों के राजदूत उपस्थित थे. इसके साथ ही पूर्वी चीन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों Fudan, SISU और ECNU के छात्रों एवं शिक्षकों ने इस विशेष मौके पर अपनी विचार सभी श्रोताओं के साथ साझा किए, जिसकी वजह से मंच और अधिक जीवंत हो उठा.
सोमनाथ मंदिर पर तिरंगे का गर्व से अनुसरण
बता दें कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को जीवंत करने के लिए एक भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, इतना ही नही बल्कि भारतनाट्यम में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली छात्राओं को सभा में सम्मानित किया गया. हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को चमकाते हुए सोमनाथ मंदिर पर लहराते राष्ट्र के तिरंगे का सभी ने गर्व से अनुसरण किया.
सुनीता मेहता ने सुनाई “कर्तव्य की अंतिम पंक्ति”
जानकारी के मुताबिक, वीरांगना सुनीता मेहता ने इस अवसर पर अपनी स्वरचित कविता “कर्तव्य की अंतिम पंक्ति” पढ़ी, जो कि अपने दिवंगत पति ब्रिगेडियर रवि दत्त मेहता को समर्पित थी. इस दौरान कविता सुनते ही सभा भाव-विभोर हो उठी. इसके साथ ही आधुनिक नाटककार मोहन राकेश के अमर नाटक “आषाढ़ का एक दिन” का मंचन शंघाई में रह रहे भारतीयों द्वारा किया गया था. साथ ही इसका चीनी अनुवाद भी प्रस्तुत किया.
चीन में भारतीय साहित्य का महत्वपूर्ण कदम
इसके साथ ही यह भारतीय साहित्य को चीन में लोकप्रिय बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है. ऐसे में सभी राष्ट्रभक्त प्रतिभागियों को सम्मानित करने के बाद मुख्य वाणिज्य दूत ने सभा को संबोधित किया और हमारी राजभाषा के हमारे दैनिक जीवन और वैश्विक मंच पर महत्व को विस्तार से बताया.
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