जिम्बाब्वे में AIDS से संबंधित मौतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जताई चिंता

Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

AIDS in Zimbabwe: जिम्बाब्वे में इस साल की पहली छमाही में एड्स (AIDS) के कारण होने वाली मौतों में वृद्धि दर्ज की गई है. स्वास्थ्य और बाल कल्याण मंत्री डगलस मोम्बेशोरा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी और चिंता जाहिर की.

हमारा काम अभी पूरा नहीं हुआ है

राजधानी हरारे में (AIDS in Zimbabwe) एचआईवी पर रिपोर्टिंग के लिए आयोजित एक मीडिया वर्कशॉप को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य और बाल कल्याण मंत्री ने बताया कि जनवरी से जून 2025 तक देश में एड्स संबंधित बीमारियों के कारण 5,932 मौतें हुईं, जो पिछले साल इसी अवधि में हुई 5,712 मौतों से 220 अधिक हैं. मंत्री ने कहा, “220 मौतों की वृद्धि हमें याद दिलाती है कि हमारा काम अभी पूरा नहीं हुआ है.”

वृद्धि का मुख्य कारण नहीं किया स्पष्ट

उन्होंने इस वृद्धि का मुख्य कारण स्पष्ट नहीं किया, लेकिन चेतावनी दी कि जिम्बाब्वे ने एचआईवी, एड्स के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति की है, खासकर यूएनएड्स के 95-95-95 लक्ष्यों को हासिल करने में. फिर भी, संसाधनों की कमी, सामाजिक कलंक और भेदभाव जैसी चुनौतियों के कारण ये उपलब्धियां खतरे में हैं. मोम्बेशोरा ने बताया, “हमें इन चुनौतियों का ईमानदारी और दृढ़ता से सामना करना होगा. भ्रांति और भेदभाव को खत्म करना केवल नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है.”

फंडिंग की कमी से जूझ रहा जिम्बाब्वे

उन्होंने बताया कि जिम्बाब्वे फंडिंग की कमी से जूझ रहा है और इससे सामुदायिक सेवाओं और आउटरीच स्टाफ को बनाए रखने में चुनौतियां आ रही हैं. मंत्री ने आगे बताया कि देश को सेवा प्रदान करने के लिए नए तरीके अपनाने, घरेलू साझेदारी बढ़ाने और एक आत्मनिर्भर राष्ट्रीय रणनीति विकसित करने की जरूरत है.

प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है HIV

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, एचआईवी एक वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है और एड्स इसका सबसे गंभीर रूप है. यह ब्लड, ब्रेस्ट मिल्क, सीमन और वेजाइनल फ्लूड्स से फैलता है. ये किसी को छूने, किस करने, गले लगाने या साथ बैठकर भोजन करने से नहीं फैलता. एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) से एचआईवी को रोका और इलाज किया जा सकता है. बिना इलाज के यह वर्षों बाद एड्स में बदल सकता है.

ये भी पढ़ें- मरीजों को मिली उम्मीद की नई किरण, जहरीली फंगस से बनी कैंसर को हराने वाली दवा

Latest News

India Renewable Energy: स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि, क्षमता 300 GW के पार; 2030 तक 530 GW का अनुमान

India Renewable Energy: भारत वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. देश में...

More Articles Like This