चीन के ‘नीडल रेन बम’ पर उठे सवाल, भारतीय रक्षा विशेषज्ञ बोले-ध्यान भटकाने के लिए फैलाई गई अफवाह!

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New Delhi: चीनी सेना के खास नीडल रेन बम “Needle Rain Bomb” को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे सनसनीखेज दावे पर अब सवाल उठने लगे हैं. कई रक्षा विशेषज्ञ इसे मनोवैज्ञानिक दबाव और सैन्य शक्ति प्रदर्शन की रणनीति का हिस्सा भी मानते हैं. अगर ऐसे हथियार सक्रिय रूप से तैनात किए जाते हैं तो इससे पूर्वी एशिया, ताइवान स्ट्रेट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य संतुलन पर असर पड़ सकता है.

युद्ध कानूनों को लेकर भी बहस तेज़

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे हथियारों के मानवीय प्रभाव और युद्ध कानूनों को लेकर भी बहस तेज़ हो सकती है. चीन के रक्षा मंत्रालय, PLA की आधिकारिक सैन्य पत्रिकाएं, Jane’s Defence, SIPRI, IISS, और संयुक्त राष्ट्र हथियार रजिस्टर किसी भी विश्वसनीय या आधिकारिक स्रोत में ‘Needle Rain Bomb’ नाम के हथियार का कोई उल्लेख नहीं है.

भारत को भटकाने के लिए अफवाहें

वहीं भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी अफवाहें भारत को भटकाने के लिए फैलाई जाती हैं जबकि भारत को तकनीकी क्षमता, सैटेलाइट निगरानी, मिसाइल डिफेंस और सैनिक तैयारी पर फोकस रखना चाहिए. दरअसल ‘Needle Rain Bomb’ एक प्रमाणहीन दावा है कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं. डर फैलाने का डिजिटल हथियार ज्यादा खतरनाक है. सोशल मीडिया पर चीन के कथित नीडल रेन बम को लेकर दावे भ्रामक हैं.

ऐसे हथियार की पुष्टि नहीं

किसी भी आधिकारिक या विश्वसनीय सैन्य स्रोत ने ऐसे हथियार की पुष्टि नहीं की है. यह मनोवैज्ञानिक युद्ध और डर फैलाने का हिस्सा है. भारत को तथ्यए तकनीक और रणनीति से जवाब देना होगा. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि यह हथियार जमीन के नीचे छिपे सैनिकों, खाइयों और बंकरों में मौजूद लोगों को भी खत्म कर सकता है और पूर्व की ओर देखने पर कहीं छिपने की जगह नहीं बचेगी.

दुश्मनों को भी निशाना बनाने की क्षमता

दावा किया जा रहा है कि यह हथियार ज़मीन के नीचे छिपे, बंकरों और खाइयों में मौजूद दुश्मनों को भी निशाना बनाने की क्षमता रखता है. सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक यह हथियार पारंपरिक बमों से अलग है और आधुनिक युद्ध की परिभाषा बदल सकता है.

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