साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों और व्यापारियों को महंगाई का झटका लगा है. सरकार ने 1 जनवरी 2026 से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. यह बढ़ोतरी केवल 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर लागू की गई है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. तेल विपणन कंपनियों ने नए साल के मौके पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 111 रुपए की वृद्धि की है, जो लगभग 7% के बराबर है.
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 1,691.50 रुपए में उपलब्ध है, जो जून 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है.
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, अलग-अलग शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम तय किए गए हैं. नोएडा में इसकी कीमत 1691 रुपए, लखनऊ में 1814 रुपए, भोपाल में 1696 रुपए और गुरुग्राम में 1708.50 रुपए हो गई है, जबकि पटना में यह सिलेंडर अब 1953.50 रुपए में उपलब्ध होगा. दिसंबर 2025 में दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1,580.50 रुपए थी. इसके पहले दिसंबर में 10 रुपए और नवंबर में 5 रुपए की मामूली कटौती की गई थी. अब नए साल की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर दबाव बढ़ सकता है.
घरेलू सिलेंडर स्थिर
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य गैर-घरेलू कार्यों में किया जाता है. कीमत बढ़ने से खाने-पीने के कारोबार की लागत बढ़ सकती है और इसका असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ने की संभावना है. तेल कंपनियों के अनुसार दिल्ली के अलावा अन्य प्रमुख मेट्रो शहरों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगभग इसी तरह की बढ़ोतरी की गई है. वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 8 अप्रैल 2025 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है.
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अंतर के प्रमुख कारण
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर कई कारणों का प्रभाव पड़ता है. इसका निर्धारण मुख्य रूप से इम्पोर्ट पैरिटी प्राइस (IPP) के आधार पर किया जाता है. कीमत तय करने में वैश्विक गैस की दर, डॉलर और रुपए के बीच विनिमय दर, परिवहन खर्च, बीमा और टैक्स जैसी लागतें शामिल होती हैं. इसके अलावा, हर राज्य में टैक्स और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी अलग लागत होने के कारण देश के विभिन्न राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अंतर देखा जाता है.

