भारत का पावर ग्रिड और मजबूत, ट्रांसमिशन नेटवर्क 5 लाख सर्किट KM पार

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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India Power Transmission Network: भारत ने बिजली क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि दर्ज की है. केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी बयान के मुताबिक, देश का राष्ट्रीय बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क अब 5 लाख सर्किट किलोमीटर से अधिक हो गया है. इसके साथ ही बिजली को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पहुंचाने की क्षमता बढ़कर 1,407 जीवीए पहुंच गई है. दुनिया के सबसे बड़े सिंक्रोनस राष्ट्रीय ग्रिड ने यह मुकाम 14 जनवरी 2026 को हासिल किया, जब राजस्थान में भादला द्वितीय से सीकर द्वितीय सबस्टेशन तक 765 केवी की 628 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन को चालू किया गया. इस परियोजना का उद्देश्य राजस्थान के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों से उत्पादित सौर बिजली को देश के अन्य हिस्सों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है.

नई ट्रांसमिशन लाइन से बढ़ी बिजली आपूर्ति क्षमता

नई ट्रांसमिशन लाइन के शुरू होने से 1,100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली को भादला, रामगढ़ और फतेहगढ़ सोलर पावर कॉम्प्लेक्स से बाहर भेजा जा सकेगा, जिससे सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग संभव होगा. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2014 के बाद से देश के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क में 71.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान 220 केवी और उससे ऊपर की 2.09 लाख सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइनें जोड़ी गई हैं. साथ ही देश की बिजली रूपांतरण क्षमता में 876 जीवीए का इजाफा हुआ है. फिलहाल भारत की अंतर-क्षेत्रीय बिजली ट्रांसफर क्षमता 1,20,340 मेगावाट तक पहुंच चुकी है. इससे अब देश के एक हिस्से में उत्पादित बिजली को दूसरे हिस्सों तक तेज़ी और आसानी से पहुंचाना संभव हो गया है.

वन नेशन–वन ग्रिड–वन फ्रीक्वेंसी की ओर मजबूत कदम

यही वजह है कि वन नेशन–वन ग्रिड–वन फ्रीक्वेंसी का सपना साकार हो सका है. फिलहाल, देश में कई अंतर-राज्य बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाएं चल रही हैं, जिनके पूरा होने पर लगभग 40,000 सर्किट किलोमीटर नई लाइनें और 399 जीवीए की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी. इसके अलावा, राज्यों के अंदर चल रही परियोजनाओं से भी करीब 27,500 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनें और 134 जीवीए की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. इस विस्तार से बिजली ग्रिड और अधिक मजबूत व भरोसेमंद बनेगी.

नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को मिलेगा बड़ा समर्थन

ट्रांसमिशन क्षमता में हुई यह वृद्धि सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने का है. बयान में आगे कहा गया है कि 5 लाख सर्किट किलोमीटर का यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि सरकार देशभर में सस्ती, सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से ग्रिड से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.

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