सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट लेकिन हल्की गिरावट के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 148.13 अंक यानी 0.20 प्रतिशत गिरकर 74,415.79 पर खुला. वहीं निफ्टी 35 अंक यानी 0.15 प्रतिशत फिसलकर 23,116.10 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया. बाजार खुलते ही कई सेक्टरों में दबाव देखने को मिला, जिसके कारण शुरुआती सत्र में बाजार में हल्की कमजोरी का माहौल बना रहा.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट
मुख्य सूचकांकों के साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई. शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 159 अंक यानी 0.29 प्रतिशत गिरकर 54,629 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 145 अंक यानी 0.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,750 पर कारोबार करता दिखा.
इन सेक्टरों पर रहा दबाव
सोमवार को बाजार में गिरावट का नेतृत्व रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों ने किया. निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स टॉप लूजर्स में रहे.
इसके अलावा डिफेंस, पीएसई, एनर्जी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, ऑटो, इंफ्रा, पीएसयू बैंक और आईटी सेक्टर के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए.
हालांकि कुछ सेक्टरों में मजबूती भी देखने को मिली. मेटल, एफएमसीजी, कमोडिटीज, फार्मा, प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में हल्की तेजी रही.
सेंसेक्स के इन शेयरों में तेजी
सेंसेक्स के कई प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, टाटा स्टील, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक और हिंदुस्तान यूनिलीवर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए.
इन शेयरों में दिखी कमजोरी
वहीं दूसरी ओर बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों में गिरावट देखी गई.
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
वैश्विक बाजारों का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला. सोमवार को ज्यादातर एशियाई बाजारों में कमजोरी रही. टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार करते नजर आए. हालांकि सियोल और हांगकांग के बाजारों में हल्की तेजी दर्ज की गई.
अमेरिकी बाजारों का असर
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे. टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव के कारण नैस्डैक इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी. इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला.
एफआईआई की बिकवाली जारी
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला अभी भी जारी है. पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 10,716.64 करोड़ रुपये की इक्विटी बिकवाली की. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा देते हुए 9,977.42 करोड़ रुपये का निवेश किया.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है. खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 1.12 प्रतिशत बढ़कर 104.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.43 प्रतिशत बढ़कर 99.13 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया.

