India Export Growth FY26: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल से जनवरी अवधि के दौरान देश के कुल निर्यात में 5.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. यह जानकारी सरकार की ओर से संसद में दी गई.
714 अरब डॉलर के पार पहुंचा निर्यात
केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि इस अवधि में भारत का कुल निर्यात बढ़कर 714.73 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 679.02 अरब डॉलर था. यह बढ़त वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत व्यापारिक स्थिति को दर्शाती है.
लगातार बढ़ रहा है निर्यात
सरकार के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच भारत का निर्यात 6.9 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है. इस दौरान निर्यात 2020-21 के 497.90 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 828.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया. यह आंकड़े बताते हैं कि भारत का निर्यात सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है.
वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति
मंत्री ने कहा कि भारत की विविध और संतुलित निर्यात रणनीति ने देश को वैश्विक व्यापार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है. चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपनी पकड़ बनाए रखी है.
व्यापार समझौतों से मिल रहा फायदा
भारत की सक्रिय व्यापार कूटनीति और नीतिगत प्रयास भी निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. देश ने अब तक 19 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं और 2021 के बाद कई नए समझौतों पर तेजी से काम किया गया है.
भारत-यूरोपीय संघ FTA अहम
भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे भारत को यूरोपीय बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी और देश वैश्विक सप्लाई चेन में और मजबूत होगा.
निवेश और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें विदेशी निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इसके अलावा न्यूजीलैंड, ओमान और ब्रिटेन के साथ संभावित समझौते भी बाजार विस्तार, सेवाओं की गतिशीलता और निवेश को बढ़ावा देंगे.
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