US-Israel-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम वार्ता से पहले ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाया है. ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रमुख Mohammad Eslami ने साफ कहा है कि यह ऐसा मुद्दा है जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता. बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि तेहरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जाएगी और वाशिंगटन दबे हुए परमाणु अवशेषों को हटाने के लिए ईरान के साथ मिलकर काम करेगा.
मध्य-पूर्व में फिर बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी तो शांति वार्ता सफल होना मुश्किल होगा और मध्य-पूर्व में तनाव फिर बढ़ सकता है. ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन का अधिकार किसी भी बातचीत का अनिवार्य हिस्सा है. उनका इशारा अमेरिका के उस रुख की ओर था, जिसमें वह ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देने के खिलाफ है.
इस्लामाबाद में होने वाली है वार्ता
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता होने वाली है. इस बैठक में दोनों देश हाल ही में हुए दो हफ्ते के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश करेंगे. ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे यूरेनियम संवर्धन का पूरा अधिकार है.
देशों के बीच लंबे समय से मतभेद
वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आशंका है कि इसी तकनीक का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में भी किया जा सकता है. इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं और यही विवाद कई बार तनाव और टकराव का कारण बना है. अब जब सीजफायर के बाद बातचीत का मौका मिला है, तब भी यह मुद्दा सबसे बड़ी बाधा बनता नजर आ रहा है.

