MP IPS Transfer: मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में रविवार देर रात ऐसा बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया, जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है. एक साथ 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले ने यह साफ कर दिया है कि राज्य सरकार अब कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरदाश्त करने के मूड में नहीं है.
गृह विभाग द्वारा जारी यह लंबी सूची सिर्फ एक सामान्य ट्रांसफर नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पुलिस महकमे की अब तक की सबसे बड़ी ‘सर्जरी’ कहा जा रहा है. इस व्यापक फेरबदल में एडीजी और डीआईजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जिलों के एसपी और शहरों के डीसीपी तक बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं.
खास बात यह है कि हाल के दिनों में सामने आए अपराध और विवादित घटनाओं का असर भी इस सूची में साफ तौर पर नजर आ रहा है, जिससे यह तबादला महज प्रशासनिक नहीं बल्कि एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
हाल की घटनाओं का पड़ा असर
इस तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा सिंगरौली और सिवनी जिलों की हो रही है. माना जा रहा है कि हाल ही में सिंगरौली में हुए चर्चित बैंक डकैती कांड ने वहां की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे. इसी के चलते वहां के एसपी मनीष खत्री को पद से हटा दिया गया. वहीं सिवनी जिले में सामने आए हवाला कांड के बाद भी सख्त कार्रवाई की गई और वहां के एसपी को हटा दिया गया. इन दोनों मामलों ने सरकार को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया. इससे यह साफ संकेत गया है कि अब कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
19 जिलों में बदले पुलिस कप्तान
इस बड़े फेरबदल का असर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला है. कुल 19 जिलों में पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया है. भिंड, शिवपुरी, रीवा और सागर जैसे प्रमुख जिलों में अब नई कमान सौंपी गई है.
इसके अलावा धार, मुरैना, छतरपुर, खंडवा, नीमच, पांढुर्णा, आगर मालवा, अनूपपुर, मऊगंज, डिंडोरी, मंदसौर, दतिया, सीहोर और दमोह जैसे जिलों में भी नए एसपी की नियुक्ति की गई है.
इतना ही नहीं, राजधानी भोपाल और इंदौर के ग्रामीण क्षेत्रों के एसपी को भी बदल दिया गया है, जिससे साफ है कि यह बदलाव केवल सीमित स्तर पर नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में व्यापक रूप से लागू किया गया है.
रेंज स्तर पर भी बड़े बदलाव
सरकार ने सिर्फ जिलों तक ही नहीं, बल्कि रेंज स्तर पर भी बड़े बदलाव किए हैं. ग्वालियर, नर्मदापुरम और शहडोल जैसी महत्वपूर्ण रेंजों में प्रभारी अधिकारियों को बदल दिया गया है. यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार पुलिसिंग के पूरे ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है.
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