अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर अमित शाह का बड़ा संदेश, बोले- नर्सें हैं स्वस्थ भारत की असली नींव

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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International Nurses Day 2026: अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर की नर्सों को सम्मान और शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि नर्सें सिर्फ मरीजों का इलाज नहीं करतीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में उम्मीद, भरोसा और साहस का भी सहारा बनती हैं. अमित शाह का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सा ढांचे के विस्तार पर तेजी से काम कर रहा है. अपनी आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में अमित शाह ने लिखा, “अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर मैं हर उस नर्स को सलाम करता हूं जो पीड़ितों के लिए उम्मीद का स्तंभ बनी हुई है. उनकी निस्वार्थ सेवा और अटूट समर्पण ही स्वस्थ भारत की असली नींव है. राष्ट्र आपको गर्व के साथ याद करता है.”

स्वास्थ्य सेवा में नर्सों की अहम भूमिका

भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. अस्पतालों से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक, नर्सें मरीजों की देखभाल, आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में लगातार योगदान दे रही हैं. वे केवल इलाज का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक और भावनात्मक सहारा भी देती हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान नर्सों की भूमिका सबसे अधिक सामने आई थी. संक्रमण के खतरे के बावजूद हजारों नर्सें दिन-रात अस्पतालों में डटी रहीं और लाखों मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कई नर्सों ने अपनी जान तक गंवाई, जिन्हें बाद में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया.

भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़

सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में 30 लाख से अधिक नर्सें कार्यरत हैं. ये नर्सें सरकारी और निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, क्लीनिकों और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में नर्सिंग स्टाफ सबसे मजबूत स्तंभों में से एक है.

सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं और नर्सिंग शिक्षा

केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है. आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान और नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है. सरकार का फोकस चिकित्सा कर्मियों की संख्या बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों की स्थापना, दूरस्थ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाया गया है. इसी क्रम में नर्सिंग स्टाफ की भर्ती और प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर मनाया जाता है दिवस

हर वर्ष 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है. यह दिन आधुनिक नर्सिंग की जननी मानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाता है. क्रीमिया युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा करके उन्होंने नर्सिंग पेशे को नई पहचान दिलाई थी. भारत में भी इस दिन को विशेष कार्यक्रमों, सेमिनारों और सम्मान समारोहों के जरिए मनाया जाता है. राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान समेत कई बड़े अस्पतालों में नर्सों को सम्मानित किया गया और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए.

नर्सिंग संगठनों की प्रमुख मांगें

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के मौके पर कई राज्यों के नर्सिंग संगठनों ने अपनी मांगें भी सरकार के सामने रखीं. राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में नर्सिंग संघों ने नर्सिंग निदेशालय के गठन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों के नियमितीकरण, बेहतर वेतनमान और सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग उठाई. इसके अलावा नर्स-रोगी अनुपात में सुधार, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के मुताबिक भारत को अभी नर्सिंग क्षेत्र में और सुधार की जरूरत है.

सोशल मीडिया पर दिखा सम्मान और आभार

अमित शाह की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई. बड़ी संख्या में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और आम लोगों ने नर्सों के योगदान को सराहते हुए संदेश साझा किए. एक यूजर ने लिखा, “नर्सें सिर्फ दवाइयां नहीं देतीं, बल्कि मरीजों को उम्मीद और हौसला भी देती हैं.” देशभर के कई अस्पतालों और चिकित्सा institutions में आज सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान आयोजित किए गए. अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर नर्सिंग समुदाय के योगदान को याद करते हुए लोगों ने उन्हें देश की स्वास्थ्य सेवा का सबसे मानवीय चेहरा बताया.

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