हीट वेव और तेज गर्मी से बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा! इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत

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Health Tips: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है. वहीं अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में ज्यादा गर्मी से हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ गया है. वहीं डॉक्टरों के अनुसार गर्मी सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण नहीं बनती लेकिन ज्यादा तापमान दिल पर अधिक दबाव जरूर डालता है. खासतौर पर वे लोग, जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज या अन्य गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत

डॉक्टर बताते हैं कि जब तापमान बहुत अधिक होता है तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है. इस प्रक्रिया में हार्ट को शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए तेज़ी से काम करना पड़ता है. अधिक पसीना आने के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट प्रभावित हो सकते हैं. लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने पर खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ सकता है.

इस मौसम में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत

खासतौर पर हार्ट मरीजों, बुजुर्गों और हाई बीपी से पीड़ित लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है. यदि यह थक्का हार्ट की किसी आर्टरी में पहुंच जाए तो हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो सकती है. गर्मी के मौसम में हर व्यक्ति को समान खतरा नहीं होता लेकिन कुछ लोगों में हार्ट से जुड़ी परेशानियों का जोखिम अधिक देखा जाता है. खासतौर पर हाई बीपी और पहले से हार्ट की बीमारी से पीड़ित लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

तुरंत सावधान हो जाना चाहिए

इसके अलावा बुजुर्ग, डायबिटीज़ के मरीज और लंबे समय तक धूप में रहने या बाहर काम करने वाले लोग भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं, क्योंकि तेज गर्मी और डिहाइड्रेशन उनके शरीर और दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं. चिकित्सकों के मुताबिक अगर तेज गर्मी के दौरान शरीर में ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए. अचानक बहुत ज्यादा पसीना आता है. छाती में दर्द या दबाव महसूस होने लगता है.

दोपहर 12 से 4 बजे तक तेज धूप में जाने से बचें

सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज हो जाए या फिर चक्कर आना अथवा कमजोरी महसूस होना भी इसमें शामिल है. विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान सावधानियां अपनाकर गर्मी के दुष्प्रभाव और हार्ट से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. दोपहर 12 से 4 बजे तक तेज धूप में जाने से बचें हल्के और ढीले कपड़े पहननना चाहिए. ज्यादा कैफीन और शराब से दूरी बनाए रखें. बाहर काम करने के दौरान बीच-बीच में आराम करते रहें.

ज्यादा गर्मी केवल थकान या डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं

हार्ट या बीपी की दवाएं डॉक्टर की सलाह के बिना बंद नहीं करें. ज्यादा गर्मी केवल थकान या डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं है बल्कि यह दिल की सेहत पर भी गंभीर असर डाल सकती है. सही खानपान, पर्याप्त पानी और सावधानी से गर्मी के खतरों से बचा जा सकता है.

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