Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच देशभर के वाहन चालकों की नजर रोजाना जारी होने वाले ईंधन रेट पर बनी हुई है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ईरान से जुड़े हालात और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ती अनिश्चितता का असर वैश्विक तेल बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है. ऐसे माहौल में रविवार, 31 मई 2026 को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बढ़ोतरी के बाद ईंधन की कीमतें अब भी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बनी हुई हैं. ऐसे में लोगों को नई राहत तो नहीं मिली, लेकिन आज कीमतें स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को एक और झटका नहीं लगा है.
25 मई को हुई थी बड़ी बढ़ोतरी
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बड़ा बदलाव 25 मई को देखने को मिला था. उस दिन तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी की थी. यह दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार हुई बढ़ोतरी थी. लगातार बढ़ते कच्चे तेल के दाम और आयात लागत में इजाफे के कारण तेल कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ था. लंबे समय तक नुकसान झेलने के बाद कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया था.
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है. खासकर होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है. इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से प्रभावित होती हैं. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने पर उसका असर घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दिखाई देता है.
सरकार ने पहले ही उठाए कई कदम
सरकार का कहना है कि ईंधन आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए जा चुके हैं. इनमें रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाना, सप्लाई मैनेजमेंट को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराना शामिल है. इसके अलाव, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक किया गया है ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके.
राजस्थान में हड़ताल की चेतावनी
इस बीच राजस्थान से पेट्रोल-डीजल सप्लाई को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो 1 जून से राज्यभर में पेट्रोल पंप संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं. एसोसिएशन का कहना है कि राज्य में कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो रही है और डीलरों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
डीलर्स ने सरकार से क्या मांग की?
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया है कि कई बार पत्र और ईमेल भेजने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस बैठक नहीं बुलाई गई है. डीलर्स की प्रमुख मांगों में पेट्रोल और डीजल पर वैट (VAT) में कमी, सप्लाई व्यवस्था में सुधार और प्रशासनिक कार्रवाई से राहत शामिल है. उनका कहना है कि कई पेट्रोल पंपों पर रोजाना ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति बन रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.18 रुपये | 97.83 रुपये |
| कोलकाता | 113.47 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.77 रुपये | 99.55 रुपये |
| बेंगलुरु | 110.93 रुपये | 98.80 रुपये |
| भोपाल | 114.54 रुपये | 99.64 रुपये |
| चंडीगढ़ | 101.51 रुपये | 89.47 रुपये |
| देहरादून | 100.54 रुपये | 96.00 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
आगे क्या रहेगा असर?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव और पश्चिम एशिया की स्थिति पर निर्भर करेंगी. यदि तनाव कम होता है तो कीमतों में स्थिरता देखने को मिल सकती है, लेकिन हालात बिगड़ने पर ईंधन की कीमतों पर फिर दबाव बढ़ सकता है.
फिलहाल 31 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि पिछले दिनों हुई तेज बढ़ोतरी के कारण आम लोगों की जेब पर महंगे ईंधन का बोझ अब भी बना हुआ है और लोग आने वाले दिनों में कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं.

