US की INDIAN कंपनी पर सख्त कार्रवाई, CEO समेत 8 लोग और संस्थाएं ब्लैकलिस्ट, सूडान में गृहयुद्ध को बढ़ावा देने का आरोप

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New Delhi: अमेरिका ने विस्फोटक निर्माण कंपनी से जुड़े एक भारतीय नागरिक समेत आठ व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन सभी पर सूडान में गृहयुद्ध को कथित तौर पर बढ़ावा देने का आरोप है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC ) ने शुक्रवार को बताया कि प्रतिबंधित किए गए नेटवर्क ने सूडान सशस्त्र बल (SAF) और अर्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेज’ (RSF) को इस अफ्रीकी देश में गृहयुद्ध को बढ़ाने तथा उसे और भीषण बनाने में मदद की.

रायपुर के आलोक चौधरी भी शामिल

जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें रायपुर के आलोक चौधरी भी शामिल हैं. वह एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं. इस कंपनी को ‘अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से भी जाना जाता है. इस कंपनी ने SAF के हथियार भंडार का रखरखाव करने वाली कंपनी को विस्फोटकों और उनसे संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप की कथित तौर पर आपूर्ति की.

अन्य कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए

वित्त मंत्रालय ने एसबीएल एनर्जी लिमिटेड तथा सूडान और मिस्र स्थित अन्य कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ”ये नेटवर्क सूडान सशस्त्र बल और ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेज’ को हथियार, विस्फोटक और विदेशी लड़ाके उपलब्ध कराते हैं. उनके समर्थन ने उस संघर्ष को लंबा खींच दिया है, जिसने दुनिया का सबसे भीषण मानवीय संकट पैदा किया है और आतंकवादी समूहों को गतिविधियां संचालित करने का मौका दिया है.”

संबंधित सामग्री की कथित तौर पर आपूर्ति

मंत्रालय ने कहा कि रायपुर स्थित एसबीएल एनर्जी ने सूडान स्थित ‘टारगेट मल्टीएक्टिविटीज कंपनी’ (TMAC) को विस्फोटकों और संबंधित सामग्री की कथित तौर पर आपूर्ति की. बाद में इन विस्फोटकों का इस्तेमाल एसएएफ द्वारा किए गए बम हमलों में किया गया. टीएमएसी और उसके महाप्रबंधक एवं ‘डिफेंस इंडस्ट्रीज सिस्टम’ (डीआईएस) के वरिष्ठ अधिकारी तारिक हुसैन मोहम्मद मदनी को भी काली सूची में डाल दिया गया है.

सूडान का सबसे बड़ा रक्षा प्रतिष्ठान

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, सूडान का सबसे बड़ा रक्षा प्रतिष्ठान डीआईएस, एसएएफ के हथियारों, गोला-बारूद, वाहनों और अन्य सामग्री के भंडार के लिए मदद देता है तथा उसका रखरखाव करता है. इनमें से अधिकतर सामग्री ईरान और अन्य बाहरी समर्थकों से हासिल की जाती है.

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