केतन अग्रवाल की मौत के 17 दिन बाद परिवार को लगा एक और बड़ा झटका, कार्डियक अरेस्ट से हुई दादाजी की मौत

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Ketan Agarwal: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के बाद परिवार एक गहरे सदमे से गुज़र रहा है. अभी बेटे की चिता ठंडी भी नहीं हुई कि परिवार पर फिर से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. दरअसल, केतन के 71 वर्षिय दादाजी, देवीचंद अग्रवाल का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. 4 जुलाई की रात को  9:45 बजे हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि केतन की मौत के बाद से ही वो बीमार थे.

18 जून को हुई थी Ketan Agarwal की मौत

बता दें कि 18 जून को केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल ने पुणे के पास लोहगढ़ किले से केतन को धक्का दे दिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई. सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी. इसलिए उसने ये ख़ौफ़नाक कदम उठाया. 2 जुलाई को पुणे ग्रामीण पुलिस सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी को पुणे शहर के लुल्ला नगर इलाके में एक मैदान में ले गई, जहां केतन को किले से नीचे धकेलने की योजना का रिहर्सल किया गया.

क्या बोले सिया के पिता

पुलिस को सिया के घर से वो कपड़े भी मिले, जो उसने घटना के दिन पहना था. वहीं, सिया के पिता प्रवीण गोयल ने कहा, ‘पुलिस आज घर आई थी, लेकिन मैं किसी से नहीं मिला. उन्होंने अपना काम किया और लगभग 30-45 मिनट तक यहां रहे. डॉक्टर ने मुझे आराम करने की सलाह दी है. मेरी तबीयत ठीक नहीं है. मैं इस मामले के बारे में बात नहीं करना चाहता. मुझमें इसके लिए हिम्मत नहीं है.’ 

सिया-चेतन ने किया था प्लान का अभ्यास

बुघवार को पुलिस चेतन को पुणे के पास लोहगढ़ किले ले गई. ताकि केतन हत्याकांड में क्राइम सीन को फिर से रिक्रिएट किया जाए. इसके लिए मृतक के वजन के बराबर एक डमी का इस्तेमाल किया, जिससे ये पता लगाया जा सके कि घटना कैसे हुई. पुलिस के अनुसार, केतन को मारने से पहले सिया और चेतन ने इसी मैदान पर बाकायदा रिहर्सल किया था.

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