LinkedIn Report: अगर आप बेहतर नौकरी की तलाश में सिर्फ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों का रुख कर रहे हैं, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है. देश के कई नॉन-मेट्रो शहर तेजी से नए रोजगार केंद्र बनकर उभर रहे हैं. प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, विशाखापत्तनम लगातार सबसे तेजी से उभरते नॉन-मेट्रो जॉब मार्केट और प्रोफेशनल माइग्रेशन वाले शहर के रूप में पहले स्थान पर बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों में नई कंपनियों के निवेश और विभिन्न उद्योगों के विस्तार से रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं.
हर नौकरी के लिए बढ़ी प्रतिस्पर्धा
लिंक्डइन की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 की शुरुआत की तुलना में अब प्रत्येक नौकरी के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है. ऐसे में नौकरी पाने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. हालांकि, नॉन-मेट्रो शहर प्रोफेशनल्स को अपने घर के करीब ही बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं.
नॉन-मेट्रो शहर बन रहे मल्टी-सेक्टर जॉब हब
रिपोर्ट के अनुसार, ये शहर अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं हैं. यहां पहले से मौजूद पोर्ट, टेक्सटाइल, फार्मा, केमिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, आईटी और सर्विस सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है. इससे रोजगार के नए अवसर तेजी से पैदा हो रहे हैं.
लिंक्डइन एक्सपर्ट ने दी अहम सलाह
लिंक्डइन की कैरियर एक्सपर्ट और इंडिया सीनियर मैनेजिंग एडिटर नीरजिता बनर्जी ने कहा कि इन शहरों में पारंपरिक उद्योगों के साथ टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर भी तेजी से विकसित हो रहे हैं. उन्होंने नौकरी तलाश रहे युवाओं को सलाह दी कि वे यह समझें कि कंपनियां किन क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं, कौन-से सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उनकी मौजूदा स्किल्स किन अन्य उद्योगों में भी उपयोगी हो सकती हैं.
सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित न रहें
नीरजिता बनर्जी ने कहा कि नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को केवल मेट्रो शहरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उभरते शहरों और वहां उपलब्ध नए रोल्स पर भी ध्यान देना चाहिए. इससे ऐसे करियर अवसर मिल सकते हैं, जिनकी जानकारी अभी बहुत कम लोगों को है.
इन शहरों में तेजी से बढ़ रहे हैं रोजगार के अवसर
रिपोर्ट के मुताबिक, विशाखापत्तनम अपने पोर्ट, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को AI, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी निवेश के जरिए मजबूत बना रहा है. वहीं लुधियाना पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग के अलावा स्टील, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रहा है. सूरत अब टेक्सटाइल और डायमंड इंडस्ट्री से आगे बढ़कर स्टार्टअप, एक्सपोर्ट और रियल एस्टेट सेक्टर में नई पहचान बना रहा है. इसके अलावा वडोदरा में केमिकल्स और मशीनरी उद्योगों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और एंटरप्राइज निवेश में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. रिपोर्ट से साफ है कि आने वाले वर्षों में नॉन-मेट्रो शहर भारत के रोजगार बाजार में और बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. ऐसे में नौकरी की तलाश कर रहे प्रोफेशनल्स के लिए ये शहर नए अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहे हैं.

