Washington: अमेरिकी सीनेट में विपक्ष के नेता चक शूमर ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. शूमर ने ट्रंप पर बिना स्पष्ट रणनीति के युद्ध में अमेरिका को झोंकने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ट्रंप की नीतियों के कारण अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है और आम अमेरिकियों के लिए कीमतें बढ़ रही हैं.
नुकसान की भरपाई शुरू करने की मांग
शूमर ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस युद्ध को गैरकानूनी बताते हुए ट्रंप के नेतृत्व को पूरी तरह विफल करार दिया. उन्होंने युद्ध खत्म करने और इसके कारण हुए नुकसान की भरपाई शुरू करने की मांग की. ट्रंप की ईरान नीति और सैन्य धमकियों को लेकर पेंटागन के वरिष्ठ कमांडरों, राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार कड़ी आलोचना की जा रही है.
बार-बार हमले की धमकी
आलोचकों का कहना है कि सिर्फ हवाई हमलों से ईरान को झुकाया नहीं जा सकता और बार-बार हमले की धमकी देकर पीछे हटने से अमेरिका की स्थिति हास्यास्पद हो रही है. अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों जैसे जनरल डेन कैन ने स्पष्ट किया है कि केवल बमबारी से निर्णायक सैन्य या राजनीतिक उद्देश्य पूरे नहीं हो सकते. सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध लड़ा गया, तो जमीनी सेना उतारनी होगी जिससे भारी अमेरिकी हताहतों का जोखिम पैदा होगा.
हमलों की तय समयसीमा या अल्टीमेटम की घोषणा
खाड़ी देशों ने आशंका जताई है कि अमेरिकी हमलों से पूरा मध्य पूर्व विश्व युद्ध की आग में झुलस सकता है. ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने कई बार हमलों की तय समयसीमा या अल्टीमेटम की घोषणा की, लेकिन कूटनीतिक दबाव या वार्ताओं का हवाला देकर बार-बार कदम पीछे खींचे. इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था व घरेलू ईंधन कीमतों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. कुछ अमेरिकी सांसदों ने इस संघर्ष को असफल और बिना स्पष्ट रणनीति का युद्ध करार दिया है.

